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गांधी भवन में गड़बड़झाला की शिकायत पहुंची पुलिस आयुक्त के पास, एसडीएम ने भी भेजा नोटिस

- ट्रस्टी ने सचिव दयाराम नामदेव पर लगाए बैंक में कूटरचित दस्तावेज देने के आरोप

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भोपाल। गांधी भवन ट्रस्ट में गड़बड़झाला का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। गांधी भवन के एक ट्रस्टी ट्रस्ट में चल रही आर्थिक अनियमितताओं को लेकर पुलिस आयुक्त से शिकायत की है। जिसमें कहा गया है कि गांधी भवन ट्रस्ट के भोपाल के बैंक खातों के संचालन में पदाधिकारियों द्वारा अनियमितता कर बैंक को गुमराह किया गया है। सचिव दयाराम नामदेव पर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने कूटरचित दस्तावेजों को बैंक में जमकार ट्रस्ट का खाता संचालन करने का प्रयास किया है, जो एक आर्थिक गड़बड़ी है। शिकायत में सचिव के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। शिकायत पर पुलिस आयुक्त मकरंद देउसकर ने कहा कि प्राप्त शिकायक के आधार पर पूरे मामले की जांच की जाएगी। वहीं गांधी भवन ट्रस्ट की मौजूदा गड़बड़ीयों को लेकर एसडीएम कार्यालय से भी नोटिस भेजा गया है। एसडीएम कार्यालय की ओर से ट्रस्ट से जुड़े तमाम पहलुओं पर गहनता से जांच को लेकर नोटिस दिया गया है। रजिस्ट्रार एवं अनुविभागीय अधिकारी पब्लिक ट्रस्ट जमील खान ने कहा कि गांधी भवन ट्रस्ट से जुड़ी अनियमितताओं को लेकर नोटिस भेजा गया है। पूरे मामले में सभी पहलूओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।


2017 के आर्थिक अनियमितता के मामले को ट्रस्ट ने डाला ठंडे बस्ते में
गांधी भवन ट्रस्ट और इससे जुड़े विवादों की श्रृंखला कोई नई नहीं है। साल 2017 में भी गांधी भवन ट्रस्ट पर आर्थिक अनियमितता बरतने के आरोप लगे थे। ये आरोप ट्रस्ट के तात्कालीन कोषाध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता ने साल 2017 में लगाए थे। देवेंद्र ने सचिव दयाराम नामदेव को पत्र लिखते हुए कहा था कि ट्रस्ट की कैशबुक का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है। कब का बिल होता है और न जाने कब पेमेंट होता है। साथ ही देवेंद्र ने कैशियर पर भी आरोप लगाते हुए कहा था कि प्राप्त रसीदों की एंट्री भी सही तरीके से नहीं की जा रही। जिस पर ट्रस्ट के सचिव ने आज तक कोई कार्रवाई नहीं की और पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। बता दें इस मामले से आहत होकर ही तात्कालीन कोषाध्यक्ष ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

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