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कांग्रेस के भीतर ही कमलनाथ पर बड़ा हमला, RTI विंग के चेयरमैन बोले- बुढऊ कायरनाथ तुमसे ना होगा

कांग्रेस के भीतर ही कमलनाथ पर बड़ा हमला, RTI विंग के चेयरमैन बोले- बुढऊ कायरनाथ तुमसे ना होगा
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भोपाल

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Pawan Tiwari

•

Mar 23, 2019

kamalnath

कांग्रेस आरटीआई विंग के चेयरमैन ने कमलनाथ पर बोला हमला, कहा- बुढऊ कायरनाथ तुमसे कुछ ना होगा

भोपाल. कमलनाथ सरकार एक बार फिर से निशाने में आ गई है। कांग्रेस आरटीआई विंग के चेयरमैन अजय दु्बे ने कमलनाथ सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है, एक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हैं जिन्होंने कुर्सी पर बैठते ही पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के दामाद गुप्ता खास बड़े अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज सस्पेंड कर दिया। भाजपा सरकार के समय पदस्थ मुख्य सचिव सहित कई बड़े अधिकारियों को ठिकाने लगाया।

झीरम घाटी सहित कई जांचे घोषित की। भूपेश बघेल अपने लड़के को लेकर कभी भी रमन सिंह से आशीर्वाद दिलवाने नहीं ले गए और न ही लंच डिनर /बर्थडे पार्टी करने गए और एक यह बुढऊ कमलनाथ और वो है जो कार्यवाही तो दूर भाजपाईयो के शुभचिंतक रहे पूर्व मुख्य सचिव बीपी सिंह को राज्य निर्वाचन आयुक्त बना दिये। शिवराज के प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल और सचिव चंद्रशेखर बोरकर को गहरा अनुभव देखते हुए कमलनाथ ने अपना प्रमुख सचिव और सचिव बना लिया। दिल्ली के सत्ता के गलियारों में दलाली के लिए कुख्यात को अपना सलाहकार बना लिया। इसलिए छत्तीसगढ़ में कांग्रेस लोकसभा में जबरदस्त जीत हासिल करेगी और मध्यप्रदेश में निराशा होगी। तुमसे कुछ न होगा कायरनाथ।

कमलनाथ साहस करिये और राहुल गांधी जी के संघर्ष को मजबूत करने हेतु भ्रस्ट भाजपा सरकार पर कार्यवाही करें अन्यथा बहुत विलंब हो जाएगा। इस पोस्ट के साथ ही उन्होंने अपने फेसबुक में घोटालों की एक लिस्ट भी शामिल की है।

क्या संदेश देना चाहते हैं कमलनाथ

आरटीआई कार्यकर्ता आनंद राय ने कहा- आखिर कमलनाथ क्या संदेश देना चाहते हैं। जिस व्यांपम के कारण प्रदेश के लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद हो गया हो उसी व्यक्ति से मिलने के लिए कमलनाथ उनके घर जा रहे हैं। कमलनाथ सरकार के मंत्री लगातार बाबूलाल गौर से संपर्क कर रहे हैं। दिग्विजय सिंह उनके साथ लंच करते हैं और अपने बेटे को आशीर्वाद दिलवाने के लिए ले जाते हैं। राहुल गांधी देश और लोकतंत्र को बचाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं वहीं, कमलनाथ इन सबसे मिलकर क्या संदेश देना चाहते हैं। वचन पत्र में जो कहा था उसे पूरा क्यों नहीं कर रहे हैं।