
भोपाल@दीपेश अवस्थी की रिपोर्ट...
मध्यप्रदेश में होने वाले चुनावों को देखते हुए प्रदेश में दोनों बड़ी पार्टियां अपनी तैयारियों में लगी हुई हैं। वहीं इस दौरान दोनों में से कोई भी पार्टी किसी भी मौके को चुकना नहीं चाहती है। इसी के चलते पार्टियां लगातार हमलावर होती जा रही हैं।
ऐसे में कांग्रेस ने मंगलवार यानि 13 मार्च को विधानसभा का घेराव करने का प्लान बनाया था, जिसे किन्हीं कारणोंवश अब आगे बढ़ा दिया गया है। जिसके बाद अब कांग्रेस 22 मार्च को विधानसभा का घेराव करेंगे।
वहीं सूत्रों का कहना है कि पार्टी नेता एक साथ उपलब्ध हो सकें, इसलिए आंदोलन की तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को छोड़कर शेष सभी नेताओं की मौजूदगी की संभावना व्यक्त की जा रही है।
मप्र कांग्रेस कमेटी की ओर से 2017 के बजट सत्र में पहली बार सभी दिग्गज नेताओं को एक मंच पर लाकर भाजपा सरकार के खिलाफ शंखनाद की शुरुआत की गई थी। जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया,सांसद कमलनाथ,कांतिलाल भूरिया,पीसीसी चीफ अरुण यादव एक साथ विधानसभा घेराव में शामिल हुए थे।
इसके एक साल बाद पुन: शिवराज सरकार के खिलाफ इन दिग्गजों के नेतृत्व में फिर विस घेराव का फैसला पिछले दिनों प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यसमिति की बैठक में लिया गया था, जिसमें पहले 12 मार्च की तारीख घोषित की गई थी, जिसे बाद में बढ़ा कर 13 मार्च कर दिया गया और अब पुन: इसे बढ़ाते हुए 22 मार्च कर दिया है।
नर्मदा परिक्रमा में व्यस्त हैं दिग्विजय...
विधानसभा घेराव के लिए कांग्रेस कमेटी ने राजधानी के टीटी नगर स्थित टीनशेड पर आंदोलन की अनुमति मांगी है।
वहीं सूत्रों के मुताबिक जब दिग्गज नेताओं से विधानसभा घेराव कार्यक्रम को लेकर पीसीसी
ने बातचीत की तो कुछ ने अपनी व्यस्तताएं बताई। इस कारण विधानसभा घेराव की तारीख को आगे बढ़ा दिया गया। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इन दिनों नर्मदा परिक्रमा में व्यस्त हैं जिस कारण वे इस आंदोलन में शरीक नहीं हो पाएंगे।
Published on:
07 Mar 2018 11:57 am

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