
भोपाल. कोविड पॉजिटिव की हरकतें दोबारा तेजी से फैल रहे कोरोना की सबसे बड़ी वजह है. सैम्पल देने के बाद लोग शहर से बाहर जा रहे हैं और उनकी यह लापरवाही औरों पर भारी पड़ रही है. सलाह यह है कि अगर आपने कोरोना जांच के लिए सैम्पल दिया है तो शहर छोडकऱ न जाएं। पिछले कुछ दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए जिनमें रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर जब संबंधित व्यक्ति या युवती को कंट्रोल रूम से फोन किया तो उसने खुद को शहर से बाहर बताया।
संबंधित एसडीएम कार्यालय से ली जा रही मदद, कराया जा रहा अस्पताल में भर्ती
कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भी बाहर घूमने वाले लोग अपने साथ-साथ परिवार, रिश्तेदारों के लिए भी जोखिम पैदा कर रहेे हैं। सैंम्पल देने के बाद खासकर शादी में तो जाएं ही नहीं। जबसे कोरोना पॉजिटिव आने पर अस्पताल में भर्ती करना शुरू किया गया है, तभी से लोग बहाने बनाने लगे हैं। ऐसे लोगों को ट्रेस करने के लिए संबंधित एसडीएम कार्यालय की मदद ली जा रही है।
अवधपुरी में एक व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उसे कॉल किया गया। लेकिन उसने अपने को बाहर बताया। जबकि फोन करने वाले ने उससे कहा कि ये अपराध की श्रेणी में आता है। लेकिन उसने कोई बात नहीं मानी। बाद में एसडीएम कार्यालय से फोन गया तब वह व्यक्ति किसी तरह अगले दिन अस्पताल में भर्ती कराया गया। कोरोना कंट्रोल रूम से फोन करने पर पता चला कि पॉजिटिव आने वाले हर 5 में से 2 मरीज शहर से बाहर हैं।
युवती खुद को बता रही थी खंडवा में, मिली भोपाल में
शुक्रवार की रिपोर्ट में पॉजिटिव आए सात लोगों को काटजू अस्पताल में भर्ती कराया है। इसमें से एक युवती को कॉल किया तो उसने अपने आप को खंडवा में होना बताया है। जबकि उसकी लोकेशन भोपाल में ही बताई जा रही है। इस युवती की तलाश में संबंधित एसडीएम कार्यालय से मदद मांगी गई। इसके बाद इसे ट्रेस कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। कोरोना कंट्रोल रूम प्रभारी डॉ. संगीता टांक ने बताया कि जो लोग गलत जानकारी देते हैं ऐसे लोगों के लिए एसडीएम कार्यालय से फोन कर उन्हें ट्रेस करा रहे हैं।
Published on:
07 Dec 2021 09:08 am
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