Coronavirus : ये दवा रोकेगी कोरोनावायरस का संक्रमण,जानिये कोरोना वायरस का इलाज, लक्षण और बचाव

सबसे पहले 1960 में सामने आया था कोरोनावायरस Coronavirus ...

भोपाल। चीन में फैल रहा जानलेवा कोरोना वायरस coronavirus की दहशत अब मध्यप्रदेश में भी फैलती दिख रही है। इसी के चलते मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं। ताकि देश में इस वायरस को पनपने नहीं दिया जाए।

जानकारी के अनुसार चीन में फैल रहा जानलेवा 2019-एनसीओवी कोरोना वायरस Corona virus से अब तक 80 जानें ले चुका है। ऐसे में अब विश्व के 11 देशों में फैल चुके इस वायरस की दस्तक भारत में भी हो गई है।

बताया जाता है कि यह वायरस Corona-virus उत्तर प्रदेश, बिहार के बाद अब दिल्ली तक भी पहुंच गया है। वहीं मध्यप्रदेश में भी इसके संदिग्ध की बात समाने आ रही है। जबकि बिहार से कोरोना वायरस Coronavirus के चार और उत्तर प्रदेश से एक संदिग्ध मरीज मिले हैं। इनके अलावा दिल्ली में भी संदिग्ध मरीजे मिले हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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Symptoms of coronavirus : कोरोनावायरस के लक्षण...
कोरोनावायरस सबसे पहले 1960 में सामने आया था। लेकिन यह कहां से आया ये कोई नहीं जानता। यह वायरस जानवरों और इंसान दोनों को संक्रमित कर सकता है। कोरोनावायरस सांस संबंधी इंफेक्शन से जुड़ा हुआ है। इसके लक्षणों में नाक का बहना, खांसी, गले में खराश और बुखार शामिल हैं।

निमोनिया, फेफड़ों में सूजन, छींक आना, अस्थमा का बिगड़ना भी इसके लक्षण हैं। जिसमें नाक और गले का टेस्ट और ब्लड टेस्ट होंगे। अगर कोरोनावायरस इंफेक्शन आपके सांस की नली और फेफड़ों तक पहुंच गया है तो यह निमोनिया का कारण बन सकता है।

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ये है मुख्य समस्या...
दरअसल जानकारों के अनुसार अधिकतर मामलों में हम नहीं जान सकते हैं कि हमें या हमारे साथी को सामान्य बुखार है या फिर कोरोनावायरस। यानि सच्चाई जानने के लिए लैब टेस्ट कराना जरूरी है।

इसके साथ ही अब तक इसका अभी तक कोई इलाज भी नहीं है। न तो कोरोना वायरस ( CoV ) की कोई वैक्सीन बनी है और न ही 2019-nCoV की।

पिछले सप्ताह @WHO आपात समिति ने निर्णय लिया कि #coronavirus से होने वाला खतरा फिलहाल एक वैश्विक स्वास्थ्य एमरजेंसी नहीं है, पर प्रकोप की जांच-पड़ताल करने, निगरानी बढ़ाने और रोकथाम के उपायों को सुदृढ़ करने के लिए टीम तैयार की गई है।

Easy Targets of corona-virus : ये हैं आसान टार्गेट...
जानकारों की मानें तो इसके सबसे आसान टार्गेट वे लोग है जो बूढ़ें हैं और जिन्हें दिल की बीमारी है या फिर जिनका प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर है।

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Coronavirus Precaution Tips : ऐसे बचें कोरोनावायरस से...
इससे बचने के लिए किसी बीमार, जुकाम, निमोनिया से ग्रसित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। मास्क पहनें। अपनी आंखों, नाक और मुंह को न छुएं। हाथों को बार बार अच्छे से साबुन से धोएं।

कोरोना वायरस के संक्रमण को कम करने के लिए ये उपाय करें...
1. अपने हाथ साबुन और पानी या अल्कोहल युक्त हैंड रब से साफ करें।
2. खांसते या छींकते वक्त अपनी नाक और मुंह को टिश्यू या मुड़ी हुई कोहनी से ढकें।
3. जिन्हें सर्दी या फ्लू जैसे लक्षण हों, उनके साथ करीबी संपर्क बनाने से बचें।
4. मीट और अंडों को अच्छे से पकाएं।
5. जंगल और खेतों में रहने वाले जानवरों के साथ असुरक्षित संपर्क न बनाएं।

ये भी रखें सावधानियां-
जानकारों के मुताबिक संक्रमण से बचाव के लिए 20 सेकंड तक साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं। मरीज को सीधे छुएं नहीं। खांसते या छींकते समय नैपकिन या कपड़े से मुंह को ढंके। सफर के दौरान एन-95 मास्क का इस्तेमाल करने की भी हिदायत दी गई है। एडवाइजरी के मुताबिक, अगर आप संक्रमित हैं तो तत्काल नजदीक के हॉस्पिटल से मास्क लेकर पहनें।

ये दवाएं देंगी राहत! Medicine for Coronavirus

जानकारों के अनुसार हर चिकित्सा विधि में इस तरह की बीमारी के लिए कुछ खास दवाएं काम में ली जा सकती हैं। इसके तहत जानिये किस विधि की कौन सी दवा के संबंध में जानकार मानते हैं कि ये पीडित को राहत देगी।

आयुर्वेद Ayurveda : आयुर्वेद की कुछ दवाओं में अगस्त्य हरितिकी (5 ग्राम) दिन में दो बार गरम पानी के साथ, संशमनी वटी (500) दिन में दो बार, त्रिकटु का चूर्ण 5 ग्राम ले सकते हैं। इसके अलावा एक लीटर पानी में तुलसी की 3 से 5 पत्तियां उबालें। जब ये पानी आधा रह जाए तो ठंडा करके घूंट-घूंट करके पिएं। अणु तेल या तिल के तेल की दो बूंद रोजाना सुबह नाक में डालें।

होम्योपैथी Homeopathy : संक्रमण से बचाव के लिए होम्योपैथिक दवा 'आर्सेनियम एल्बम-30' खाली पेट 3 दिन तक ली जा सकती है। यही डोज अगले महीने दोबारा लें। इंफ्लुएंजा वायरस के लक्षण दिखने पर भी यही दवा ले सकते हैं।

यूनानी Yunani : शरबत उन्नाब 10-20 दिन में दो बार, तिरयाक अरबा 3-5 ग्राम दिन में दो बार, तिरयाक नजला 5 ग्राम दिन में दो बार ले सकते हैं। रोगन बनाफशा को नाक पर लगा सकते हैं। रोगन बबूना से सीने और स्किन पर मसाज करें।

बुखार की स्थिति में हबीब-ए-इक्सीर बुखार की दो गोलियां दिन में तीन बार गुनगुने पानी के साथ ली जा सकती हैं। इसके अलावा चिरायता, कासनी, अफसानतीन या नीम की छाल में से किसी एक अर्क शर्बत खाकसी के साथ ले सकते हैं। बनाफ्शा, उन्नाब, सपिस्तान में से किसी एक का काढ़ा पी सकते हैं।

Treatment of Corona-virus : कोरोना वायरस से जीत ...

वहीं आयुर्वेद के जानकारों की मानें तो ये वायरस मुख्य रूप से प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर होने पर अपना टार्गेट बनाता है।

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अत: ऐसे में आयुर्वेद में ऐसे कई उपाय है जिनकी मदद से हम अपना प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत कर सकते हैं। जिसके बाद मजबूत प्रतिरक्षा तंत्र के चलते हम कोरोना वायरस से भी मुकाबला करने में सक्षम हो सकते हैं।

दीपेश तिवारी
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