भोपाल। शादी, विवाद, तलाक...ऐसे कई मामले कुटुम्ब न्यायालय में आते हैं। लेकिन अब हालात बदलने लगे हैं। बड़े हो रहे बच्चे परिवार जोड़ रहे हैं। वे नहीं चाहते कि उच्च शिक्षा और कॅरियर की उड़ान भरने के दौरान माता-पिता अलग हों। इससे उनके हौसले टूट जाएंगे। ऐसे में बच्चे काउंसलर का पता निकालकर उन पर केस वापस करने का दबाव बना रहे हैं। समाज में हो रहे सकारात्मक बदलाव को बताती पत्रिका की ये रिपोर्ट....।
इसलिए बच्चे नहीं चाहते तलाक हो
● 50-55 की उम्र में एक-दूसरे में कम रुचि होने लगती है, लेकिन 60 की उम्र में उन्हें एक-दूसरे की जरूरत होगी।
● बड़े हो रहे बच्चे नहीं चाहते कि माता या पिता अलग रहें।
● विदेश में पढ़ाई के लिए पासपोर्ट में कई जानकारी देनी होती है। तलाक की स्थिति में कानूनी अड़चनों से पासपोर्ट रद्द हो सकता है।
बेटा नहीं चाहता 28 साल पुरानी शादी टूटे
-खनिज विभाग के अफसर और दूसरे जिले में पत्नी महिला बाल विकास विभाग में हैं। उनका मामला कोर्ट पहुंचा। कहा, पति के कहने पर महिला ने तबादले की कोशिश नहीं की। बच्चों ने उन्हें समझाया। काउंसलर से भी बात की। अब केस वापस हो रहा है।
-अरेरा कॉलोनी के कारोबारी ने पत्नी से अलग होने का आवेदन कोर्ट में दिया। अमरीका में पढ़ रहा बेटा नहीं चाहता कि माता-पिता की 28 साल की शादी टूटे। बेटे ने काउंसलर से कहा, इससे सामाजिक दिक्कत होगी। कॅरियर में परेशानी होगी।
-कुटुम्ब कोर्ट में आने वाले मामलों में बड़े होते बच्चे नहीं चाहते कि माता-पिता अलग हों। वे हमसे केस लड़ने से मना करते हैं। अमिता अवस्थी, काउंसलर, कुटुंब न्यायालय
ज्यादा ऐसे मामले आ रहे कोर्ट
धारा-13: तलाक के मामले
धारा-125: मेंटेनेंस का केस
धारा-125(3): आदेश के बाद पति से रुपए न मिलने पर वसूली
धारा-127: भरण-पोषण की राशि कम हो तो बढ़वाने के केस
धारा-7(11): बच्चों को साथ रखने के मामले
धारा-9: साथ रखने के लिए