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COVID-19: तीन दिन में तीन दर्जन से ज्यादा मौत, सरकारी आंकड़ो में सिर्फ चार की मौत

- अकेले हमीदिया अस्पताल में 18 मौत- रतलाम में भी 18 मौतों में से सिर्फ दो रिकॉर्ड में दर्ज- शाजापुर में पांच दिनों में 22 मौत, जबकि आंकड़ों में एक की मौत

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भोपाल . सरकारी दावों में भोपाल में 3 दिन में 4 कोरोना मरीजों की मौत हुई है, जबकि बताया जा रहा है कि इस बीच अकेले हमीदिया अस्पताल में 18 मौत हुई हैं। वहीं, जेपी में चार और दो निजी मेडिकल कॉलेजों में 17 संक्रमितों की मौत हुई। मौतों का यह आंकड़ा और ज्यादा हो सकता है, क्योंकि 20 से ज्यादा निजी अस्पतालों में कोविड सेंटर है, जो सरकार को जानकारी भी नहीं भेजते। इधर, शाजापुर में बीते पांच दिनों में 22 मौतें हुईं, जबकि कोरोना से सिर्फ एक मौत का जिक्र है। रतलाम में भी 18 मौतों में से सिर्फ दो को कोरोना के रेकॉर्ड में रखा है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान का कहना है कि मैं मौत के आंकड़ों की कोई गारंटी नहीं लेता, लेकिन सरकार कुछ छुपा नहीं रही है।

रेलवे स्टेशन पर निगेटिव रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य
संक्रमण के तेजी से फैलने के साथ भोपाल, हबीबगंज एवं बैरागढ़ स्टेशन पर यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग का काम तेज कर दिया गया है। पश्चिम मध्य रेलवे एवं डीआरएम कार्यालय के निर्देश के बाद तीनों स्टेशन पर अतिरिक्त थर्मल इमेजिंग मशीन लगाई गई है। रेलवे ने अब महाराष्ट्र से आने वाले यात्रियों से आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट मांगना शुरू कर दी है।

डीआरएम उदय बोरवणकर एवं सीनियर डीसीएम विजय प्रकाश ने सोमवार रात को हबीबगंज रेलवे स्टेशन पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण अभियान का औचक निरीक्षण किया। डीआरएम ने स्टेशन मास्टर आरपीएफ एवं जीआरपी अधिकारियों से सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग तेज करने को कहा। निर्देश दिए कि जिन यात्रियों का तापमान अधिक पाया जा रहा है, उन्हें स्वास्थ्य विभाग की टीम को सौंपकर विधिवत संक्रमण का परीक्षण करवाया जाए। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही सफर करने की अनुमति प्रदान की जाए।

सीनियर डीसीएम के मुताबिक महाराष्ट्र से आने वाली ट्रेनों के यात्रियों की निगेटिव रिपोर्ट मांगी जा रही है। जिनके पास रिपोर्ट नहीं है, उनका स्टेशन पर ही परीक्षण कराने की व्यवस्था की गई है।