केरवा डैम के पास फिर निकला मगरमच्छ...। इस इलाके में पहले से है टाइगर की दहशत...।
भोपाल के केरवा और कलियासोत डेम के आसपास टाइगर मूवमेंट हैं। दो दिन पहले ही एक तेंदुआ भी शहर में घुस आया था। मनुआभान टेकरी के पास स्थित आर्मी सेंटर से इस तेंदुए को पकड़ लिया गया और रातानी सेंचुरी में छोड़ दिया गया। ताजा मामला मगरमच्छ का है। यहां केरवा डैम के पास स्थित मेंडोरा गांव में 8 फीट लंबा मगरमच्छ आ गया। इसे देख पूरे गांव में दहशत फैल गई। वन विभाग की रेस्क्यू टीम उसे पकड़कर डैम में वापस छोड़ देगी।
केरवा डैम के रास्ते में मेंडोरा गांव हैं। इस गांव में नाले के रास्ते 8 फीट लंबा मगरमच्छ आ गया। यह मगरमच्छ जब यहां के लोगों को दिखाई दिया तो हड़कंप मच गया। लोग अपने घरों में कैद हो गए। वन विभाग को सूचना दी गई। फारेस्ट विभाग की टीम मगरमच्छ को पकड़ने की कोशिश कर रही है। इसके बाद उसे डैम में छोड़ दिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि जिस जगह पर मगरमच्छ एक टापू पर बैठा था, उसके पास ही में रहवासी इलाका है। मगरमच्छ कभी भी रहवासी इलाके तक पहुंच सकता था। मगरमच्छ काफी देर तक उसी टापू पर बैठा रहा। इसी दौरान लोगों ने वन विभाग को सूचना दे दी।
मगरमच्छ देखने वालों की भीड़
मगरमच्छ की सूचना मिलते ही कई लोग उस स्थान की तरफ आने लगे जहां मगरमच्छ बैठा था। भीड़ की हलचल होने पर मगरमच्छ पानी में उतर गया। इस कारण मगरमच्छ का रेस्क्यू करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इधर, फारेस्ट विभाग के एसडीओ आरएस भदौरिया के मुताबिक रेस्क्यू टीम भेज दी गई है। मगरमच्छ को जान बिछाकर पकड़ा जाएगा, इसके बाद फिर डैम में छोड़ देंगे।
दो दर्जन मगरमच्छ हैं
कलियासोत और केरवा डैम में पानी बढ़ने के बाद मगरमच्छ अब किनारे की तलाश में है। केरवा डैम से होते हुए यह मगरमच्छ नाले के रास्ते से गांव तक पहुंचा था। बताया जाता है कि केरवा डैम और कलियासोत दोनों में मिलाकर करीब दो दर्जन मगरमच्छ हैं, जो कई बार लोगों को बैठे हुए नजर आ जाते हैं। फरवरी में हुई गिनती में 22 मगरमच्छ पाए गए थे। बताया जाता है कि इनकी संख्या में और इजाफा हो गया है।
यह भी पढ़ेंः