Dengue in Bhopal कूलर और गमलों में जमा न रहने दें पानी, इन्हीं में मिल रहा 60 फीसदी लार्वा, मलेरिया कार्यालय ने जारी की एडवाइजरी, अपने घर में 7 दिन से ज्यादा जमा पानी जरूर बदलें
भोपाल. मलेरिया कार्यालय ने इस साल अब तक ढ़ाई लाख घरों में लार्वा सर्वे किया है। रिपोर्ट के अनुसार 60 फीसदी लार्वा घरों में लगे कूलर, गमलों, पक्षियों के लिए रखे गए सकोरों में पनपते मिले हैं। वहीं सोमवार को दो नए डेंगू मरीजों के साथ इस साल अब तक डेंगू के 117 केस आए हैं। जुलाई माह के इस सप्ताह में ही 10 केस सामने आ चुके हैं। यह केस शहर के अलग-अलग हिस्सों से सामने आए हैं। एम्स भोपाल के नजदीक साकेत नगर सहित अन्य इलाके और गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) के पीछे शहीद नगर हाई रिस्क जोन में हैं। यहां अब तक सबसे अधिक डेंगू के मामले सामने आए हैं।
अस्पताल परिसर में जमा हो रहा बारिश का पानी
हमीदिया अस्पताल में ट्राॅमा बिल्डिंग के पीछे निर्माणाधीन भवन का काम बंद पड़ा है। दो मंजिला भवन के हर खंड पर पानी एकत्र हो रहा है। जो मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल स्थान बना हुआ है।
डेंगू वार्ड तैयार, दो बच्चे हुए थे भर्ती
जेपी अस्पताल में हाल ही में 10 बेड का डेंगू वार्ड तैयार किया गया है। जहां बीते सप्ताह दो बच्चों को भर्ती कराया गाया था। दोनों बच्चे कमजोरी के चलते भर्ती हुए थे। जिनमें से एक को शुक्रवार और एक को शनिवार को डिस्चार्ज कर दिया गया।
यहां होती है नि:शुल्क जांच
डेंगू के मामलों में सिर्फ एलाइजा टेस्ट ही मान्य है। यह जांच पांच स्थान पर मुफ्त होती है। इसमें एम्स भोपाल, जेपी अस्पताल, जीएमसी, बीएमएचआरसी और संतनगर सिविल अस्पताल शामिल है।
बचने के लिए यह रखें सावधानियां
मलेरिया विभाग ने सोमवार को एक बार फिर एडवाइजरी जारी की है। जिसमें कहा गया है कि कूलर, गमलों, सकोरों में खास साफ सफाई रखें। इसके अलावा आसपास जमा पानी में क्षेत्र के सहायक स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क कर दवा का छिड़काव व फॉगिंग कराएं। दरवाजों व खिड़कियों पर जाली लगवाएं, मच्छरदानी का प्रयोग करें, अनुपयोगी वस्तुओं में पानी इकट्ठा न होने दें, पानी की टंकी पूरी तरह से ढककर रखें और फुल कपड़े पहन कर रखें।
यह हैं डेंगू के लक्षण
- डेंगू होने पर बुखार उतरता नहीं, कंपकंपी के साथ बना रहता है।
- ब्लड प्रेशर का सामान्य से बेहद ही कम हो जाना।
- मांसपेशियों, जोड़ों, सिर और पूरे शरीर में दर्द होना।
- शारीरिक कमजोरी आना, भूख न लगना और रैशेज होना।
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दो नए मामलों के साथ शहर में डेंगू के 117 मामले अब तक सामने आए हैं। विभाग के काम के साथ लोगों का सहयोग बेहद जरूरी है। डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया आदि मच्छर जनित बीमारी हैं। इस तरह की बीमारियों से बचने के लिए अपने आसपास पानी इकट्ठा न होने दें।
-अखिलेश दुबे, जिला मलेरिया अधिकारी भोपाल
डेंगू के आंकड़े
साल - डेंगू केस
2021 - 735
2022 - 675
2023 (अब तक) - 117