
satna police march past
भोपाल। डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला ने गुरुवार को महकमे के अफसरों और कर्मचारियों पर लगाम लगाते हुए उन्हें चेतावनी दी है कि मीडिया से दोस्ती की तो कार्रवाई होगी। शुक्ला की ओर से जारी परिपत्र में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले पुलिस अफसर और कर्मी अविवेकपूर्ण टिप्पणियां कर रहे हैं। वे अतिउत्साह में सोशल मीडिया की किसी भी पोस्ट का समर्थन न करें। अगर एेसा पाया जाता है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले भी ३ अप्रैल को डीजीपी शुक्ला ने सभी आइजी-एसपी को हिदायत देते हुए कहा था कि मीडिया को कंट्रोल में रखें। माना जा रहा है कि २ अप्रैल को प्रदेश के कुछ जिलों में हुई हिंसा के बाद पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे थे, जिसके बाद यह फरमान जारी किया गया है। हिंसा के दौरान और बाद में डीजीपी शुक्ला मीडिया से खुद भी बचते रहे हैं।
बिना अनुमति प्रेस से संबंध न रखने की नसीहत -
डीजीपी ने बिना अनुमति प्रेस-मीडिया से संबंध न रखने की नसीहत दी है। निर्देश दिए हैं कि सोशल मीडिया पर सरकारी दस्तावेजों को स्कैन कर, स्क्रीन शॉट लेकर अथवा अन्य प्रकार से जानकारी शेयर न की जाए। एेसा पाया गया, तो संबंधित के खिलाफ पुलिस रेगुलेशन के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया समूह में भी रहें सचेत
डीजीपी के परिपत्र में कहा गया है कि मीडिया या आमजन के वाट्सऐप ग्रुप में किसी भी तरह का समर्थन न करें। टिप्पणी करने में अतिउत्साह के बजाय विवेक का उपयोग करें। वीवीआइपी और वीआइपी की सुरक्षा में तैनात अधिकारी-कर्मचारी महत्वपूर्ण स्थलों के फोटो साझा न करें। सेल्फी आदि भी पोस्ट न करें। इस मामले में डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला ने कहा कि परिपत्र मेरे दस्तखत से निकला है, तो उसमें ऑफिसियली कहने के लिए कुछ शेष रहा ही नहीं। यह शासन का नियम है, इसमें कोई नई बात नहीं।
Published on:
13 Apr 2018 09:49 am

बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
