Lifestyle Changing Tips: कंपनियों ने सुबह या शाम की चाय के साथ टेस्टी और हेल्दी साथी डायजेस्टिव बिस्किट हर आम आदमी की स्नैक्स प्लेट में परोस दिया। पर क्या आप सोचते हैं कि जिस बिस्किट को आप हेल्दी समझकर खा रहे हैं वो वाकई हेल्दी है या नहीं...यहां जानें आपके फेवरिट डायजेस्टिव बिस्किट के न्यूट्रिशन वैल्यू से लेकर उसके फायदे या नुकसान...
lifestyle Changing Tips: आजकल लोग हेल्द कॉन्शियस हुए हैं और बाजार उनकी इस कॉन्शियसनेस का पूरा-पूरा फायदा उठा रहे हैं। वैसे भी ग्राहक की नब्ज बाजार जल्दी ही भांप लेता है। यही कारण है कि बाजार में इनके लिए हेल्दी स्नैक्स से लेकर हर तरह के प्रोडक्ट्स और उनकी वैरायटी मिल जाएगी। आज ऐसा ही रोल निभा रहा है डायजेस्टिव बिस्किट। कंपनियों ने सुबह या शाम की चाय के साथ टेस्टी और हेल्दी साथी डायजेस्टिव बिस्किट हर आम आदमी की स्नैक्स प्लेट में परोस दिया। पर क्या आप सोचते हैं कि जिस बिस्किट को आप हेल्दी समझकर खा रहे हैं वो वाकई हेल्दी है या नहीं...यहां जानें आपके फेवरिट डायजेस्टिव बिस्किट के न्यूट्रिशन वैल्यू से लेकर उसके फायदे या नुकसान...
न्यूट्रिशनिस्ट प्रियंका मितवा के कहती हैं कि सामान्य बिस्किट्स की तुलना में, डाइजेस्टिव बिस्किट में कुछ ऐसे इंग्रेडिएंट मिले होते हैं जिनमें हाई फाइबर और प्रोटीन होता है। अगर उनका निश्चित मात्रा में सेवन किया जाए तो, ये आपके लिए हेल्दी विकल्प माना जा सकता है। लेकिन मुद्दा यह है कि डाइजेस्टिव बिस्किट में चीनी, नमक, अनहेल्दी फैट और प्रोसेस्ड आटा प्रयोग में लाया जाता है। इसलिए इनमें कैलोरी काफी अधिक हो जाती है।
जानें क्या हैं डाइजेस्टिव बिस्किट?
डाइजेस्टिव बिस्किट साबुत गेहूं का आटा, सोडियम बाइकार्बोनेट, अमोनियम बाइकार्बोनेट, मैलिक एसिड और टार्टरिक एसिड, वेजिटेबल ऑयल, मलाई निकाला हुआ दूध पाउडर, चीनी और बेकिंग सोडा के मिक्सचर से तैयार किया जाता है।
जानें 'डाइजेस्टिव' का अर्थ?
डाइजेस्टिव बिस्किट में "डाइजेस्टिव" शब्द का इस्तेमाल इस उद्देश्य से किया गया है कि उनमें एंटासिड गुण (प्रोटियोलिटिक एंजाइम) होते हैं क्योंकि वे सोडियम बाइकार्बोनेट जैसे खमीरीकरण एजेंट्स का उपयोग करके बनाए जाते हैं। एंटासिड गुण होने से अपच आदि से छुटकारा मिलता है और जल्दी डाइजेस्ट हो जाते हैं।
डाइजेस्टिव बिस्किट की न्यूट्रिशन वैल्यू
जानकारी के मुताबिक, 2 डाइजेस्टिव बिस्किट में लगभग 150 कैलोरी, 20 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 4.6 ग्राम फैट, 5 ग्राम चीनी, 2 ग्राम प्रोटीन, 1 ग्राम फाइबर और 160 मिलीग्राम सोडियम होता है। हालांकि, अलग-अलग ब्रैंड और बिस्किट के आकार के आधार पर न्यूट्रिशन वैल्यू बदल सकती है।
क्यों कम खाने चाहिएं बिस्किट
- डाइजेस्टिव बिस्किट में नमक होता है। चार डाइजेस्टिव बिस्किट में आलू के चिप्स के पैकेट के बराबर सोडियम हो सकता है।
- इनमें ब्लैंक कैलोरी और अनहेल्दी फैट होता है।
- इसके अलावा इनमें कोई विटामिन या मिनरल नहीं होते।
- डाइजेस्टिव बिस्किट को काफी प्रोसेस किया जाता है।
- इनकी शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं।
- इनमें लगभग 10 प्रतिशत सेचुरेटेड फैट होता है जो अनहेल्दी होता है। सही डाइजेस्टिव बिस्किट कैसे चुनें?
- बिस्किट की न्यूट्रिशन प्रोफाइल जरूर देखें।
- सोडियम की मात्रा पर ध्यान दें।
डाइजेस्टिव बिस्किट खाएं या नहीं?
डाइजेस्टिव बिस्किट में प्रोसेस्ड आटा, चीनी, फैट, सोडियम और लेवनिंग एजेंट होते हैं। वहीं इनमें स्वाद बढ़ाने वाले कुछ कैमिकल यूज किए जाते हैं। इनके कारण वह आपको बिस्किट खाने का आदी बना सकते हैं। अगर आपको खाना ही है तो नॉर्मल बिस्किट की जगह डाइजेस्टिव बिस्किट खा सकते हैं। लेकिन इनका ज्यादा सेवन आपको फाये के बजाय नुकसान पहुंचा सकता है।
डाइजेस्टिव बिस्किट के बजाय खाएं ये चीजें
- मुट्ठी भर ड्राईफ्रूट्स
- रागी वाले बिस्किट
- मिक्स्ड ड्राईफ्रूट्स
- मखाना
- भुना हुआ चना