
भोपाल@ मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोंकझोंक देखने को मिली। कांग्रेसी विधायकों ने दो बार सदन से वॉकआउट किया। किसानों को लेकर सदन का माहौल गरम था ही की सत्ता पक्ष ने दोपहर को सदन अनिश्चितकालीन के लीए स्थगित करने का ऐलान कर दिया। जिसके बाद से विपक्ष में बैठी कांग्रेस आक्रामक हो गई और सदन का बहिर्गमन कर दिया। कांग्रेसी विधायक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर आ गए। नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने कहा कि सरकार सदन को नहीं चलने देना चाहती है। विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जिसे संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने खारिज कर दिया। ये प्रजातंत्र की हत्या है। वहीं वरिष्ठ कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने कहा कि सदन में मौका नहीं मिला तो सड़क में मुद्दे उठाएंगे।
विपक्ष के इन आरोपों का संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने जवाब दिया। मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि ऐसा बटा हुआ विपक्ष मैंने नहीं देखा है। जब सत्र पूरा हो गया तब इन्हें अविश्वास प्रस्ताव की याद आई है। इन्हें पता होना चाहिए अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं संकल्प आता है। इनको जिस विषय पर चर्चा करनी चाहिए ये करते नहीं है। और जिस पर नहीं करनी चाहिए उस पर चर्चा की मांग करते हैं। इनका एक सदस्य सदन से निलंबित है उस पर चर्चा करने के लिए एक सदस्य ने भी मांग नहीं की है। दरअसल ये आपस में बंटे हुए हैं। सज्जन सिंह वर्मा ने तो आज भरे सदन में कहा कि गोविंद सिंह सरकारी के साथ मिले हुए हैं।
लक्ष्मण सिंह ने लिया विधानसभा में ये प्रण
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता लक्ष्मण सिंह ने कहा कि सरकार ने कांग्रेस पार्टी को सदन में मुद्दे उठाने का मौका नहीं दी है। जिस कारण से अब हम सड़क में मुद्दे उठाएंगे। और आज हम सभी इस सरकार को उखाड़ने का प्रण लेते हैं। हम सरकार बनाएंगे और फिर इसी विधानसभा में आएंगे।
Published on:
21 Mar 2023 09:11 pm
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