
भोपाल। जहां एक ओर केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार तक खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए तरह- तरह के कदम उठा रही है। तो वहीं दूसरी ओर अभी भी कई खिलाड़ी इन सुविधाओं से महरूम है। क्योंकि जिम्मेदार लोग अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। प्रदेश के भिंड जिले के भदाकुर गांव के निवासी युवा पैरा तीरंदाज गोविंद सिंह भदौरिया इसका उदाहरण है। गोविंद दिव्यांग तीरंदाज हैं और इनके नाम कई उपलब्धियां भी है। लेकिन मुफलिसी इनके खेल में बड़ी बाधा बन रही है।
तीर के लिए बटर रहे दर- दर
गोविंद एक पैर से विकलांग है और ऊपर से घर की माली हालत इनपर दोहरी मार कर रही है। हालात इस कदर खराब है कि गोविंद के पास तीरंदाजी करने के लिए तीर खरीदने तक के पैसे नहीं है। लिहाजा कमान लेकर गोविंद दर- दर तीर पाने के लिए भटक रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से लेकर मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया और कलेक्टर तक गुहार लगा चुके है। लेकिन सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिल रहा है।
मित्र ने भेंट किया तीर
गोविंद ने बताया कि तीरंदाजी में उपयोग होने वाला तीर काफी मंहगा आता है। जिसे खरीदने के लिए उनके पास पैसे नहीं है। और पुराने तीर अब घिस चुके है। गनीमत है ऐसे वक्त में उनके मित्र दीपक भदौरिया ने उनका साथ दिया और अपने जन्मदिन के मौके पर उन्हें तीर भेंट किया। जिससे काम तो चल रहा है लेकिन कुछ दिनों बाद फिर तीर का संकट खड़ा होने वाला है।
...मदद करिए सरकार
गोविंद कहते हैं कि वो राजस्थान में एक सेंटर में तीरंदाजी का अभ्यास करते है। वो चाहते है कि जबलपुर स्थित तिरंदाजी एकेडमी में उनका दाखिला मिल जाए ताकि वो दूसरे प्रदेश में न जाकर अपने प्रदेश में ही तीरंदाजी का अभ्यास कर सके।
गोविंद के नाम उपलब्धियां
- अप्रैल 2022 में हरियाणा के जींद में आयोजित हुई 4th पैरा आर्चरी नेशनल चैंपियनशिप में ऑल इंडिया में 17वां स्थान हासिल किया।
- अप्रैल माह में दिल्ली में आयोजित हुए ओपन एशियन गेम की ट्रायल में ऑल इंडिया 14वां स्थान प्रात किया।
Published on:
06 Dec 2022 07:54 pm
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