बीएमएचआरसी में हैपटेक वर्कशॉप में शामिल होने आए डॉ. सिंह ने कहा कि डीएनए फिंगरप्रिंट तकनीकी से ही राजीव गांधी हत्याकांड, बेअंत सिंह, नैना साहनी तंदूर कांड, जैसे तमाम केस सुलझाए गए। शहर-जिला स्तर पर भी कई मामले अनसुलझे रहते हैं। ऐसे में डीएनए फिंगरप्रिंट पर काम किया जाना चाहिए।