
TET Mandatory For Teachers
TET Mandatory For Teachers: महाराष्ट्र के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए प्रमोशन से जुड़ी तस्वीर अब काफी हद तक साफ हो गई है। लंबे समय से इस बात को लेकर असमंजस बना हुआ था कि क्या प्रमोशन के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी(TET) जरूरी होगी या नहीं। अब स्कूल शिक्षा विभाग ने इस पर स्पष्ट रुख अपना लिया है। विभाग ने साफ शब्दों में कहा है कि जो शिक्षक प्रमोशन चाहते हैं, उन्हें टीईटी पास करना ही होगा। केवल अनुभव या सेवा के वर्षों के आधार पर अब पदोन्नति नहीं मिलेगी। टीईटी के साथ-साथ अन्य जरूरी शैक्षणिक योग्यताएं भी पूरी करनी होंगी। यह फैसला हाल ही में आए सुप्रीम कोर्ट के उस निर्णय के बाद सामने आया है, जिसमें कोर्ट ने टीईटी को सिर्फ नई नियुक्तियों तक सीमित न मानते हुए सेवा में बने रहने और प्रमोशन चाहने वाले शिक्षकों के लिए भी जरूरी बताया है। कई अन्य राज्यों में भी इस प्रकार के निर्णय लिए गए हैं।
पहले तक एक व्यवस्था यह थी कि जिन शिक्षकों की रिटायरमेंट में पांच साल या उससे कम का समय बचा है, उन्हें टीईटी पास किए बिना पढ़ाने की छूट दी जाती थी। लेकिन शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि यह राहत केवल पढ़ाने तक सीमित है, प्रमोशन के मामले में नहीं। यानी अगर कोई शिक्षक रिटायरमेंट के करीब है और पदोन्नति चाहता है, तो उसे भी टीईटी पास करनी होगी।
सरकार ने शिक्षकों को राहत देते हुए एक समयसीमा जरूर तय की है। राज्य सरकार ने नवंबर 2027 तक का समय दिया है। इन दो वर्षों के भीतर शिक्षक टीईटी परीक्षा पास कर सकते हैं। जो शिक्षक इस समय में परीक्षा पास कर लेंगे, वही आगे प्रमोशन के लिए योग्य माने जाएंगे। इसके बाद सभी पदोन्नतियों में टीईटी एक अनिवार्य शर्त होगी। यह नियम किन पदों पर लागू होगा, इसे लेकर भी स्थिति अब काफी हद तक स्पष्ट है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार राज्य परीक्षा परिषद ने विभागीय परीक्षाओं की पात्रता शर्तों में टीईटी को शामिल कर लिया है। यह शर्त टीजीटी शिक्षक, प्राचार्य, ग्रुप रिसोर्स सेंटर कोऑर्डिनेटर और एक्सटेंशन अधिकारी (शिक्षा) जैसे पदों पर लागू होगी।
Updated on:
22 Jan 2026 03:15 pm
Published on:
22 Jan 2026 03:14 pm
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