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डीएनए टेस्ट: हर महीने 300 केस आते हैं जांच के लिए, अभी भी 5500 केस लंबित

सागर के बाद दूसरी डीएनए टेस्ट लैब, २६ जनवरी को मिल सकती है राजधानी को सौगात

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डीएनए टेस्ट: हर महीने 300 केस आते हैं जांच के लिए, अभी भी 5500 केस लंबित

डीएनए टेस्ट: हर महीने 300 केस आते हैं जांच के लिए, अभी भी 5500 केस लंबित

भोपाल। सागर फॉरेंसिक लैबोरेटरी के बाद प्रदेश में दूसरी बड़ी डीएनए टेस्ट लैब की सौगात भोपाल को मिलने जा रही है। 26 जनवरी को इसका उदघाटन करने की तैयारी है। अभी तक सागर लैब के भरोसे ही प्रदेश भर की जांच रिपोर्ट होती थी, इसके कारण यहां 14 हजार से भी अधिक कैमिस्ट्री, बायोलॉजिकल टेस्ट और कैमिस्ट्री तीनों से संबंधित टेस्ट के केस लंबित पड़े हैं।

इन सबमें अधिक 5500 डीएनए टेस्ट के केस हैं। यह लैब शुरू होने के बाद डीएनए टेस्ट के प्रकरणों के निराकरण में तेजी आएगी। सबसे अधिक डीएनए टेस्ट के ही केस लैब में पहुंच रहे हैं, जिसके कारण डिस्पोजल की प्रक्रिया धीमी हो गई है। राजधानी में यह पहली लैब होगी, जिसमें इस तरह का परीक्षण किया जाएगा। इस लैब का भवन 5 करोड़ 23 लाख रुपए में तैयार किया गया है। वहीं, सागर एफएसएल प्रबंधन ने इस लैब के लिए आधुनिक उपकरण खरीदे हैं। 26 जनवरी को उदघाटन करके यहां टेस्ट भी शरू करने की योजना है। लैब की अन्य छोटी-बड़ी आवश्यकताएं एक सप्ताह में पूरी करने के निर्देश डीजीपी ने दिए हैं।

ये जांचें होंगी आसान
लैब के चालू होने से किसी बॉडी की पहचान करने के लिए डीएनए टेस्ट ही कारगर होता है। वहीं, पेटरनिटी के केस भी डीएनए टेस्ट से ही किया जाता है। माता-पिता का निर्धारण करने के लिए भी कई प्रकरण सामने आ रहे हैं। हर महीने 300 से ज्यादा डीएनए टेस्ट के मामले लैब में पहुंच रहे है, जिनमें सबसे अधिक अप्राकृति यौन और बलात्कार के मामले हैं।


उद्घाटन नजदीक, लेकिन स्टाफ की कमी
लैब के उदघाटन के बाद सबसे बड़ी चुनौती वैज्ञानिकों की है। क्षेत्रीय एफएसएल, भोपाल में पदस्थ 18 वैज्ञानिकों का चयन सहायक प्राध्यापक पद पर होने से अब तक 8 वैज्ञानिक इस्तीफा दे चुके हैं। अन्य भी नौकरी छोडऩे की तैयारी में हैं। ऐसे में लैब का उदघाटन तो कर दिया जाएगा, लेकिन अमले की कमी खलेगी। हालांकि पीएचक्यू ने अमला बढ़ाने और वैज्ञानिकों की भर्ती करने के लिए गृह विभाग को प्रस्ताव बनाकर भेजा है, लेकिन अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। रीजनल लैब भोपाल में पदस्थ वैज्ञानिकों को डीएनए टेस्ट संबंधी ट्रैनिंग भी दी जा रही है, लेकिन पीएचक्यू को सबसे बड़ी परेशानी अमले के कारण ही नजर आ रही है।

डीएनए परीक्षण के प्रकरणों में भी तेजी आएगी
हमारी तैयारियां पूरी है। काफी समय से इसे शुरू करने का प्रयास चल रहा है। जल्द से जल्द इसका उदघाटन कर दिया जाएगा। इसके शुरू होने के बाद डीएनए परीक्षण के प्रकरणों में भी तेजी आएगी।
सैम अखेतो, एडीजी, पीएचक्यू, तकनीकी