
मध्य प्रदेश अपने पर्यटन स्थलों से भी विश्वभर में प्रसिद्ध है। यहां स्थित कई ऐतिहासिक स्मारक, मंदिर, मस्जिद, किले और महल आदि यहां आने वाले पर्यटकों को अपनी ओर खासा आकर्षित करते हैं। मध्य प्रदेश की यात्रा करना पर्यटक के लिए किसी सपने से कम नहीं होगा, क्योंकि यहां पर कई नेशनल पार्क और वाईल्डलाइफ सेंचुरी भी हैं, जिसे देखकर दुनियाभर के लोगों आकर्षित होती हैं। मध्य प्रदेश वो राज्य है, जो देश के बीचों बीच स्थित है। यही कारण है कि, भारत के किसी भी स्थान या विश्व में कहीं से भी भारत आने वाले पर्यटकों को एमपी आना भी बेहद आसान है।
शहर के भीतर घूमते हैं टाइगर
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को नवाबों और तालाबों का शहर भी कहा जाता है। यहां कई ऐतिहासिक महल हवेलियां हैं। इनमें मुख्य रूप से सदर मंजिल, हमीद मंजिल ताजमहेर, आदि शामिल हैं। इसके अलावा यहां कई तालाब भी मौजूद हैं, जो शहर की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। ये शहर अपनी राजसी मस्जिदों के लिए भी पूरी दुनिया में मशहूर हैं। यहां घूमने के लिए वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, झील और हनुमान टेकरी जैसी जगहें हैं, जो पर्यटकों को काफी आकर्षित करती हैं। तो अगर आप भोपाल घूमने का सोच रहे है तो देरी किस बात की।
पहाड़ों की रानी पचमढ़ी
मध्यप्रदेश का पचमढ़ी भी किसी हिमाचल और उत्तराखंड से कम नहीं है। सतपुड़ा के हरे-भरे घने जंगलों और पहाड़ों से घिरी पचमढ़ी 'सतपुड़ा की रानी' भी कहा जाता है। सतपुड़ा के जंगल दुनियाभर में इसलिए भी जाने जाते हैं क्योंकि यहां सतपुड़ा टाइगर रिजर्व होने के साथ ही जंगल सफारी भी होती है। साथ ही मध्यप्रदेश की सबसे ऊंची चोटी भी यहीं है। अगर आप मध्य प्रदेश में घूमने की सबसे अच्छी जगह खोज कर रहे हैं, तो पचमढ़ी का चयन आपको जरा सा भी निराश नहीं करेगा।
टाइगर का घर बांधवगढ़
बांधवगढ़ नेशनल पार्क मध्य प्रदेश के सबसे खास पर्यटन स्थलों में से एक है, जो पुराने समय में रीवा के महाराजाओं की शिकारगाह के रूप में पहचाना जाता था। ये राष्ट्रीय उद्यान बाघ अभयारण्य के रूप विश्वभर में प्रसिद्ध है। बांधवगढ़ नेशनल पार्क दुनिया में रॉयल बंगाल टाइगर्स के लिए जाना जाता है। पूरी दुनिया में यह अकेला ऐसा टाइगर रिजर्व हैं, जहां पर सबसे ज्यादा टाइगर हैं। ऐसे में यहां पर लोगों को टाइगर दिखने की उम्मीद सबसे ज्यादा रहती है। यहां का फ्लोरा—फोना बहुत ही खूबसूरत है।
ग्वालियर: जहां बलुआ पत्थर का है महल
मध्य प्रदेश में ग्वालियर एक ऐसा शहर है जो अपने महलों और मंदिरों के लिए जाना जाता है। मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थलों में प्राचीन ग्वालियर का किला एक प्रमुख स्थल है।शहर में प्रमुख आकर्षण सास बहू का मंदिर है जो एक सुंदर मंदिर है। बलुआ पत्थर का महल शहर को देखता है और ऊपर की ओर जाने वाली घुमावदार सड़क के माध्यम से पहुँचा जा सकता है। किले के परिसर में 15वीं सदी का गुजरी महल पैलेस भी है, जो अब एक पुरातात्विक संग्रहालय के रूप में कार्य करता है। यहां पर और भी बहुत सुंदर जगह है। ग्वालियर में जहाँ आप आकर घुम सकते हो।
देश की दूसरी अयोध्या है ओरछा
ओरछा मध्य प्रदेश में घूमने के लिए अच्छी जगहों में से एक है। बेतवा नदी के तट पर स्थित यह शहर अपने किले, मंदिरों और महलों के लिए जाना-जाता है। ओरछा किला अपने आकर्षण के लिए देश भर में प्रसिद्ध है। यहां आप सड़क और रेलवे दोनों द्वारा पहुँच सकते है। यहां देखने के लिए लोकप्रिय स्थान राम राजा मंदिर, जहांगीर महल, चतुर्भुज मंदिर और लक्ष्मी मंदिर समेत दूसरे कई मंदिर हैं, जो यहां आने वाले लोगों की यात्रा को यादगार बनाते हैं।
महाकाल की नगरी उज्जैन
यह मध्यप्रदेश के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है। शिप्रा नदी के तट पर बसे उज्जैन को 'मंदिरों का शहर' भी कहा जाता है, क्योंकि यहां लगभग हर गली में मंदिर ही मंदिर दिखाई पड़ते हैं। इस पवित्र शहर की सबसे खास बात ये है कि यहां स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है।यही वो शहर है, जहां हर 12 साल में कुंभ मेला आयोजित किया जाता है, इस शहर की खूबसूरती का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि प्रसिद्ध कवि कालिदास ने कहा है कि 'पृथ्वी को स्वर्ग बनाने के लिए यह शहर स्वर्ग से उतर आया है।
भगवान बुद्ध से जुड़ी सांची की भूमि
सांची मध्य प्रदेश में बौद्ध धर्म के दर्शनीय स्थलों में से एक है और यहां स्थित बौद्ध स्मारक सांस्कृतिक रूप से पूरे भारत में मौजूद विशाल धरोहर का प्रतीक है। यहां स्थित महान स्तूप को तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में मौर्य वंश के सम्राट अशोक द्वारा स्थापित किया गया था। सांची में स्थित स्तूपों को भगवान बुद्ध और कई महत्वपूर्ण बौद्ध अवशेषों के घरों के रूप में बनाया गया था। ये स्थान हरे भरे बागानों से घिरा हुआ है, जो यहां आने वाले पर्यटकों को एक अलग प्रकार का आनंद और शांति महसूस कराता है।
कान्हा राष्ट्रीय उद्यान
मध्य प्रदेश के मंडला जिले में स्थित कान्हा नेशनल पार्क में राजसी प्राणी बाघ के साथ-साथ कई प्रकार के जंगली जानवरों के घर के रूप में भी जाना जाता है। ये पार्क 300 से अधिक प्रजातियों के साथ कई तरह के वन्यजीवों और कई पक्षी जीवों की मेजबानी करता है। इस पार्क की खास बात ये है कि ये मध्य प्रदेश में स्थित मध्य भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है। इस उद्यान का नाम एशिया के सर्वश्रेष्ठ पार्कों में शामिल है। इस पार्क में बड़े स्तनधारियों की 22 प्रजातियां पाई जाती है। साथ ही, बंगाल टाइगर की भी एक प्रजाति इस स्थल में प्रमुख आकर्षण का केंद्र है।
भीमबेटका की गुफायें, जो जोड़ती हैं आदिमानव से
अगर आप इतिहास में रूचि रखते हैं तो यह जगह आपके घूमने के लिए सबसे बेस्ट है। रायसेन जिले में स्थित भीमबेटका रॉक शेल्टर एक पुरातात्विक स्थल है, जिसे मानव विकास का आरंभिक स्थान माना जाता है। यहां 500 से भी अधिक रॉक शेल्टर और गुफाएं हैं, जहां की चट्टानों पर हजारों वर्ष पूर्व बनी चित्रकारी आज भी मौजूद है। यहां की सबसे प्राचीन चित्रकारी को 12 हजार साल पुराना माना जाता है। यहां आकर आपको एक अलग ही दुनिया में आने का अहसास होगा।
दुनिया के सबसे खूबसरत मंदिरों की जगह खजुराहो
खजुराहो भारत के मध्यप्रदेश में स्थित एक बहुत ही खास शहर और पर्यटक स्थल है जो अपने प्राचीन मंदिरों के लिए देश भर में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में प्रसिद्ध है। पुराने समय में खजुराहो को खजूरपुरा और खजूर वाहिका से जाना-जाता था। खजुराहो में कई सारे हिन्दू धर्म और जैन धर्म के प्राचीन मंदिर हैं। इसके साथ ही ये शहर दुनिया भर में मुड़े हुए पत्थरों से बने हुए मंदिरों की वजह से भी प्रसिद्ध है। खजुराहो को खासकर यहाँ बने प्राचीन और आकर्षक मंदिरों के लिए जाना-जाता है। यह जगह पर्यटन प्रेमियों के लिए बहुत ही अच्छी जगह है।
Published on:
16 Feb 2024 06:01 pm
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