
पर्याप्त मात्रा में नींद न लेने से काम करने की क्षमता में कमी से लेकर बढ़ता है गंभीर बीमारियों का खतरा
भोपाल. राजधानी में लोगों में नींद न आने की समस्या गंभीर होती जा रही है। जीएमसी और एम्स में आने वाले अनिद्रा के रोगियों में से पांच में एक किशोर हैं। यह पर्याप्त sleep नींद नहीं ले पा रहे। इससे उनका ध्यान भटक रहा है। अनिद्रा की प्रमुख वजह सोशल मीडिया तो है ही व्यस्कों की तरह किशोर भी ज्यादा सोचने या विचारों में फंसने की वजह से बेड पर जाने के बाद भी रातभर करवट बदलते रहते हैं।
8 से 10 घंटे की नींद सेहत के लिए अच्छी
चिकित्सकों के अनुसार अच्छी सेहत के लिए 8 से 10 घंटे की sleep नींद जरूरी है। लेकिन, युवाओं में स्क्रीन टाइम बढऩे से आंखों से नींद गायब है। आज 89 प्रतिशत लोगों के पास अपना फोन है। ऐसे में अधिकतर युवा कम से कम चार घंटे रोज सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं।
20 मिनट तक नींद न आए तो किताबें पढ़े
वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. जेपी अग्रवाल के अनुसार बेड पर जाने से पहले आज किए गए कायोज़् और कल के कामों को लिख लें। साथ ही अपनी चिंताएं भी। इससे सोते समय इनका ख्याल नहीं आएगा। बेड पर जाने के 20 मिनट बाद भी नींद न आए तो अच्छा संगीत सुनें, माइंड फुल एक्टविटी बढ़ाएं। पाजिटिव विचारों की किताबें पढ़े, नींद आ जायेगी।
नींद के लिए सीबीटी थैरेपी कारगर
चिकित्सकों के अनुसार sleep नींद की समस्या के समाधान के लिए कांग्निटिव विहैवियरल थेरेपी बहुत कारगर है। मनोवैज्ञानिक और व्यवहारात्मक तकनीक से नकारात्मक विचारों को कम किया जा सकता है। योग और ध्यान से भी नींद के समय में बदलाव लाने से समस्या दूर हो सकती है।
एक्सपर्ट व्यू
हमारे शरीर के लिए पर्याप्त Good sleep नींद बेहद जरूरी है। स्लीप एप्निया बीमरी गले की मांसपेशियों द्वारा सांस की नली को ब्लॉक करने की वजह से होती है। बीमारी गंभीर स्तर तक पहुंच जाती है तो एक रात में सैकड़ों बार खर्राटे आ सकते हैं। इससे दिल व मस्तिष्क से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
- डॉ. अभिषेक गोयल,
स्लीप स्पेशलिस्ट, एम्स
Published on:
27 Aug 2023 07:47 pm

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