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अधिकारियों की लापरवाही से वर्टिकल गार्डन वॉल में लगे पेड़ सूखे

ग्रीन नेट तान देते तो नहीं उजड़ती गार्डन वॉल

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भोपाल

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Amit Mishra

Jun 03, 2019

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अधिकारियों की लापरवाही से वर्टिकल गार्डन वॉल में लगे पेड़ सूखे

भोपाल। नगर निगम के ऐसे अधिकारी/कर्मचारी राजधानी की हरियाली को क्या सहेज-संवार पाएंगे, जो अपने ऑफिस के पेड़-पौधों को नहीं बचा सकते। कम स्पेस और खर्च में शहर को बेहतर हरियाली और फुलवारी से आच्छादित करने के लिए वर्टिकल गार्डन वॉल का प्रयोग शुरू किया गया था।

सहेजने के उपाय नहीं किए...
लापरवाही और अनदेखी के चलते हर जगह यह प्रयोग असफल होता नजर आ रहा है। राजधानी में रवीन्द्र भवन, शिवाजी चौराहा, महाराणा प्रताप चौराहा, स्मार्ट सिटी कार्यालय, दस नम्बर स्थित जोन कार्यालय, आकाशगंगा कॉलोनी के पास गुलमोहर समेत कई स्थानों पर वर्टिकल गार्डन वॉल तैयार की गई थीं। इनपर लाखों रुपए खर्च किया गया, लेकिन तेज गर्मी में पौधों को बचाने और सहेजने के उपाय नहीं सोचे गए।

नतीजा यह हुआ कि वर्टिकल गार्डन वॉल के पौधों ने दम तोड़ दिया। विशेषज्ञों की मानें तो वर्टिकल गार्डन वॉल तैयार करने से पहले अधिकारियों को हर मौसम में पौधों के संरक्षण व रखरखाव का खाका तैयार करना था, जिससे पौधे बचे रहते।


जानकारों की मानें तो वर्टिकल गार्डन वॉल को ग्रीन नेट कवर या अन्य उपाय से सुरक्षित किया जाता तो तेज गर्मी में भी ये छोटे-छोटे पौधे मरने से काफी हद तक बच जाते। नगर निगम अधिकारियों का भी मानना है कि इस तरह का प्रयोग करते हुए चूक हुई। यदि वर्टिकल गार्डन वॉल पहले से तेज धूप से संरक्षित की जाती तो काफी पौधे बचाए जा सकते थे। इस तरह सर्दी में कोहरे-पाले से भी पौधे बचाए जाते सकते हैं।

गार्डन वॉल के पौधे कमजोर होते हैं, जो सीधी तेज धूप सहन नहीं कर पाते। मैंने कुछ दिन पूर्व ही ज्वाइन किया है। यह गार्डन वॉल मेरी तैनाती से पहले बनाई गई थी। हां, यदि ग्रीन नेट से इसे सुरक्षित किया जाता तो पौधे बच सकते थे। बरसात होने के बाद नए पौधे लगाकर गार्डन वॉल फिर से तैयार किए जाएंगे।
- एमपी शांडिल्य, जोनल अफसर, नगर निगम

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