
सावन के सोमवार को करें यह आसान उपाय, हो जाएंगे मालामाल
भोपालः आज से सावन का महीना शुरु हुआ है, जिसके पहले सोमवार को शिवालयों में भक्तों की भीड़ देखती जा रही है। वैसे तो भगवान शिव को कई रूपों के लिए जाना जाता है। इन्हीं में से एक यह भी है कि, उन्हें भोले के रूप में भी जाना जाता है। इसी के चलते अगर कोई भक्त सच्ची श्रद्धा से उन्हें सिर्फ एक लोटा पानी भी अर्पित करता है, तो वह उससे प्रसन्न होने में देर नहीं करते। सावन के महीने में शिव भक्त भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए अनेक कई उपाय करते हैं। कुछ ऐसे ही छोटे और अचूक उपायों के बारे शिवपुराण में भी हमें बताता है। इसमें बताए उपाय सरल होने के कारण आसानी से किए जा सकते हैं। तो आइए जानते हैं उन उपायों के बारे में जिन्हें करने से सच्चे भक्त की हर मनोकामना पूरी हो सकती है। इसमें कई तरह के उपाय दिए गए हैं, जिसे समझकर करने से हमें हर तरह का लाभ हो सकता है।
इस तरह करें भोलेनाथ को प्रसन्न
शिवपुराण के अनुसार भगवान शिव को इस तरह प्रसन्न किया जा सकता है। इसमें सबसे पहली बात तो यह कि, अगर भगवान शिव को चावल चढ़ाया जाता है तो, उसके फल स्वरूप धन की प्राप्ति होती है। वही, व्यक्ति के पापों को हरण करने के लिए भगवान शिव को तिल चढ़ाया जाता है। वहीं, भोसेनाथ को जौ अर्पित करने से सुख में वृद्धि होती है। इसके अलावा किसी व्यक्ति को संतान सुख प्राप्ती ना होने वाले व्यक्ति अगर
गेहूं का चढ़ावा करेगा तो उसे जल्द ही संतान सुख प्राप्त होगा।
आमदनी बढ़ाने के लिए करें यह उपाय
सावन के महीने में किसी भी दिन घर में पारद शिवलिंग की स्थापना करें और उसकी यथा विधि पूजन करें। साथ ही खबर में दिए गए मंत्रों का 108 बार जप करें।
ऐं ह्रीं श्रीं ऊं नम: शिवाय: श्रीं ह्रीं ऐं
प्रत्येक मंत्र के साथ बिल्वपत्र पारद शिवलिंग पर चढ़ाएं। बिल्वपत्र के तीनों दलों पर लाल चंदन से क्रमश: ऐं, ह्री, श्रीं लिखें। अंतिम 108 वां बिल्वपत्र को शिवलिंग पर चढ़ाने के बाद निकाल लें तथा उसे अपने पूजन स्थान पर रखकर प्रतिदिन उसकी पूजा करें। माना जाता है ऐसा करने से व्यक्ति की आमदानी में इजाफा होता है।
संतान प्राप्ति के लिए करें यह उपाय
सावन में किसी भी दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद भगवान शिव का पूजन करें। इसके पश्चात गेहूं के आटे से 11 शिवलिंग बनाएं। अब प्रत्येक शिवलिंग का शिव महिम्न स्त्रोत से जलाभिषेक करें। इस प्रकार 11 बार जलाभिषेक करें। उस जल का कुछ भाग प्रसाद के रूप में ग्रहण करें। यह प्रयोग लगातार 21 दिन तक करें। गर्भ की रक्षा के लिए और संतान प्राप्ति के लिए गर्भ गौरी रुद्राक्ष भी धारण करें। इसे किसी शुभ दिन शुभ मुहूर्त देखकर धारण करें।
बीमारी ठीक करने के लिए उपाय
सावन में किसी सोमवार को पानी में दूध व काले तिल डालकर शिवलिंग का अभिषेक करें। अभिषेक के लिए तांबे के बर्तन को छोड़कर किसी अन्य धातु के बर्तन का उपयोग करें। अभिषेक करते समय ऊं जूं स: मंत्र का जाप करते रहें। इसके बाद भगवान शिव से रोग निवारण के लिए प्रार्थना करें और प्रत्येक सोमवार को रात में सवा नौ बजे के बाद गाय के सवा पाव कच्चे दूध से शिवलिंग का अभिषेक करने का संकल्प लें। इस उपाय को करने से बड़ी से बड़ी बीमारी में लाभ होता है।
Published on:
30 Jul 2018 04:09 pm
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