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संबल 2.0 योजना में मृतकों के परिजनों का राहत का इंतजार

असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए शुरू की गई संबल योजना का लाभ जिलेवासियों को नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि संबल योजना के लिए सरकार के पास बजट नहीं है। इस कारण विगत10 महीने से मृतकों के परिजन को अनुग्रह राशि के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।

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बजट के अभाव में दस महीने बाद भी नहीं मिला संबल

Due to lack of budget, even after ten months did not get support

केस 01- बैतूल में रहने वाले राजकुमार सोलंकी की बीमारी के चलते 2021 में निधन हो गया था। परिजनों ने अनुग्रह सहायता राशि के लिए तत्काल आवेदन कर दिया था, लेकिन आज तक दो लाख रुपए की अनुग्रह सहायता राशि नहीं मिल सकी है। परिजन राशि के लिए हर महीने नगरपालिका के चक्कर काटते हैं।
केस 02- बैतूल निवासी वासुदेव खाडे का वर्ष 2021 में निधन हो गया था। निधन के बाद परिजन रूकमणी ने संबल योजनांतर्गत अनुग्रह सहायता राशि के लिए आवेदन किया था लेकिन आज तक राशि नहीं मिल सकी है। जबकि रूकमणी हर महीने राशि के लिए नगरपालिका के चक्कर काट रही है।
बैतूल। असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए शुरू की गई संबल योजना का लाभ जिलेवासियों को नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि संबल योजना के लिए सरकार के पास बजट नहीं है। इस कारण विगत10 महीने से मृतकों के परिजन को अनुग्रह राशि के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। अनुग्रह सहायता राशि के लिए प्रकरणों की संख्या हर महीने बढ़ रहा है। वहीं 15 मई 2022 से शुरू हुई संबल 2.0 योजना में अभी तक 23 हजार से अधिक लोग ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं, लेकिन आवेदनों के बाद भी लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
दो बार हुई सिंगल क्लिक
पिछले साल 2022 में मुख्यमंत्री ने दो बार सिंगल क्लिक किए। पहला क्लिक संबल पोर्टल 2.0 की लॉन्चिग के साथ ही मई-2022 में और दूसरा अक्टूबर 2022 में किया गया। इन दोनों ही क्लिक के बाद भी बैतूल जिले के नगरपालिका, जनपद पंचायत और नगर परिषद से स्वीकृत 470 से अधिक संबल हितग्राहियों को योजना की अनुग्रह राशि अभी तक नहीं मिल सकी है। अकेले बैतूल नगरपालिका में 46 से अधिक आवेदन संबल के सत्यापन के बाद भुगतान के लिए विगत एक साल से अटके हुए हैं।
दो हजार से अधिक लोग अपात्र
संबल 2.0 योजना की शुरूआत 15 मई 2022 से शुरू की गई थी। योजनांतर्गत जिले में 29 दिसंबर 2022 की स्थिति में 20 हजार 395 पंजीयन के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जा चुके थे। वैसे आज की स्थिति में आवेदनों की संख्या बढ़कर 23 हजार 399 तक पहुंच गई है। जिले में सर्वाधिक आवेदन घोड़ाडोंगरी जनपद से 4 हजार 91 प्राप्त हुए हैं। जबकि अन्य जनपदों, नगरपालिका एवं नगर परिषदों से प्राप्त होने वाले आवेदनों की संख्या 500 से 1500 हजार के लगभग है। 29 दिसंबर 2022 की स्थिति में जिले में 10 हजार 268 आवेदन लंबित होना बताए गए थे। वहीं पात्र आवेदनों की संख्या 8124 होना बताई गई थी।
अनुग्रह सहायता राशि के लिए लगा रहे चक्कर
संबल योजना में शासन की तरह से मिलने वाली अनुग्रह सहायता राशि के लिए परिजन नगरपालिका, जनपद पंचायत एवं नगरपरिषद के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन शासन के पास बजट नहीं होने के कारण सहायता राशि गरीबों को नहीं मिल पा रही है। बताया गया कि विगत दस माह से लोग सहायता राशि पाने के लिए भटक रहे हैं लेकिन बजट नहीं होने का हवाला देकर उन्हें लौटा दिया जाता है। बैतूल नगरपालिका में वर्ष 2021 के प्रकरणों में भी परिजनों को अनुग्रह राशि का भुगतान अभी तक नहीं हो सका है।
समय-सीमा में प्रकरणों का निराकरण के निर्देश दिए
मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना का लाभ लेने के लिए लोग थोक में ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं, लेकिन इन आवेदनों का निराकरण में लेटलतीफी हो रही है। जिसके कारण लंबित आवेदनों की संख्या जिले में दस हजार से ऊपर पहुंच गई है। इस स्थिति को देखते हुए कलेक्टर अमनबीर ङ्क्षसह बैंस ने समस्त जनपद पंचायतों, नगरपालिका एवं नगर परिषद को पत्र लिखकर सात दिवस की समय-सीमा में प्रकरणों का निराकरण किए जाने के निर्देश जारी किए हैं।
इनका कहना
- अक्टूबर 2022 में कुछ हितग्राहियों को अनुग्रह सहायता राशि एक क्लिक में बैंक खातों में डाली गई थी। उसके बाद जो प्रकरण आए हैं उनमें अभी तक सहायता राशि नहीं मिली है। शासन स्तर से बजट मिलने के बाद ही हितग्राहियों को राशि का आवंटन किया जाता है।
- धम्मदीप भगत, श्रम अधिकारी बैतूल।

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