
भोपाल। प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में आंगनबाडि़यों के लिए 7 अप्रैल तक का पोषण आहार स्टॉक होने का दावा किया था, लेकिन पत्रिका पड़ताल में इसकी जमीनी हकीकत जुदा मिली है। आगंनबाडिय़ों में कहीं तीन महीने से बच्चों और किशोरियों का आहार बंद है, तो कहीं फरवरी से स्टॉक खत्म। जहां आहार है, उनमें से कुछ जगह सिर्फ आलू की सब्जी परोसते हैं। कई जगह सुबह का नाश्ता और दोपहर का भोजन एक साथ दिया जाता है, जिससे बच्चे भूखे रह जाते हैं। राजधानी में लोगों की शिकायत है कि ही पोषण आहार आंगनबाडि़यों से बेचा जा रहा है, बाद में इसे पशुओं को खिला दिया जाता है।
प्रदेश में राजधानी से लेकर सभी संभागों में एक जैसी तस्वीर
भोपाल
भोपाल के कई केंद्रों में बताया गया कि आहार पांच रुपए प्रति पैकेट में कार्यकर्ता खुद बेच देती हैं। बाद में यह पशुओं को खिला दिया जाता है। केंद्र-234 पर जनवरी, केंद्र-258 मार्च और केंद्र-240 पर 3 माह से आपूर्ति बंद है।
जबलपुर
यहां 10 फीसदी केंद्रों पर आहार खत्म है, जबकि 70 फीसदी पर दो दिन का स्टॉक है। बाकी जगह 3 दिन का स्टॉक है। 2483 केंद्रों में से 250 में आहार बंद हो चुका है। बसेड़ी केंद्र जब पत्रिका टीम पहुंची तो ताला मिला।
रतलाम/उज्जैन
यहां 9 मार्च के बाद से आपूर्ति नहीं। कुछ जगह फरवरी का स्टॉक मिला। कई जगह सिर्फ आलू सब्जी आहार के नाम पर मिल रही है। जिला अधिकारी सुषमा भदौरिया के मुताबिक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। उज्जैन में केवल चार दिन का आहार बचा है।
खंडवा
यहां अप्रैल में आपूर्ति नहीं होने से बच्चों, गर्भवतियों व माताओं को बिना आहार लौटाया जा रहा है। दादाजी वार्ड की तीन आंगनबाडि़यों में 334 बच्चे हैं, पर कहीं आहार नहीं मिल रहा। डीपीओ संजय भारद्वाज ने कहा कि जब आएगा तब बांट पाएंगे।
दमोह : यहां 1742 आंगनवाड़ी केंद्रों पर तीन महीने से आपूर्ति बंद है। विभागीय अफसर अनिल जैन के मुताबिक सिर्फ किशोरियों को आहार नहीं मिल पा रहा।
टीकमगढ़ : आंगनबाड़ी संघ की जिलाध्यक्ष संगीता खरे का कहना था कि एक माह से पेकैट नहीं आ रहे हैं। नौ दिन का स्टॉक बचा है।
सागर : यहां 2623 केंद्रों पर पुराना स्टॉक बांटा जा रहा है, जो खराब है। कार्यकर्ता संगीता जैन का दावा है कि हम 15 अप्रैल तक ही
आहार चल लेंगे
इन जिलों में भी हाल-बेहाल
सिवनी, रीवा, पन्ना, मंडल, शहडोल, शाजापुर, आगर, होशंगाबाद, हरदा, बैतूल, छतरपुर, बालाघाट।
टेंडर में फिर दागी कंपनियां शामिल
1200 करोड़ के पोषण आहार की आपूर्ति के लिए उत्तरप्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों की 37 कंपनियों ने टेंडर भरा है। शुक्रवार को तकनीकी बिड खोली गई। 9 अप्रैल को फायनेंशियल बिड खोली जाएगी। इनमें वे तीन कंपनियां भी हैं, जिनको बाहर करने के लिए कोर्ट के निर्देश पर पूरी आपूर्ति व्यवस्था में बदलाव किया है। इसमें एमपी एग्रो की एमपी एग्रो न्यूट्री फूड प्रालि, एमपी एग्रो टॉनिक्स लि. और एमपी एग्रो फूड इंडस्ट्रीज शामिल हैं।
Published on:
07 Apr 2018 06:09 pm
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