
भोपाल. बच्चों को सेहतमंद बनाने के साथ ही उनकी प्राथमिक शिक्षा का जिम्मा उठाने के लिए महिला एवं बाल विकास की अगुआई में रहवासी क्षेत्रों में आंगनबाडिय़ां तो संचालित की जा रही हैं, पर अधिकारियों की अनदेखी के कारण अधिकतर आंगनबाडिय़ों में तय सुविधाएं तक मुहैया नहीं करवाई जा रही हैं। कोलार क्षेत्र में संचालित हो रहीं चालीस आंगनबाडिय़ों में पानी तक की व्यवस्था नहीं की गई है, नतीजतन बच्चे घर से पानी लाने को मजबूर हैं।
वहीं यहां कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं का ज्यादातर समय आसपास के क्षेत्रों से पानी की व्यवस्था करने में ही गुजर जाता है। ऐसे में बच्चों को पर्याप्त पोषण और प्राथमिक शिक्षा मुहैया करवाने का दावा हकीकत नहीं बन सका है। विभाग की ओर से इस क्षेत्र में कई आंगनबाड़ी में भवनों का निर्माण किया गया है, पानी के स्टोरेज के लिए टंकियां भी लगाई गई हैं, पर इन्हें भरने के लिए नल कनेक्शन नहीं लिए गए हैं। नतीजतन ये टंकियां सिर्फ शोपीस बनकर ही रहे गई हैं। गर्मियों की शुरुआत के साथ ही आंगनबाडिय़ों में पसरा जलसंकट बच्चों की सेहत पर भी भारी पड़ रहा है।
40 केंद्रों में 1200 से अधिक बच्चे
कोलार क्षेत्र के सर्वधर्म से लेकर काला पानी गांव तक महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ४० आंगनबाडिय़ों का संचालन किया जा रहा है। इन केंद्रों में 1200 से अधिक रजिस्टर्ड हैं। इनमें से अधिकतर में मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं। इनमें से एक भी आंगनबाड़ी केंद्र में पानी की व्यवस्था नहीं की गई है। साथ ही कई केंद्रों के पास खुद का भवन नहीं है। नतीजतन एक दर्जन से अधिक केंद्र शासकीय स्कूलों या किराए के कमरों में संचालित हो रहे हैं।
टाट पट्टी तक को तरसते बच्चे
इन आंगनबाडिय़ों में पसरी अव्यवस्थाएं यहीं आकर खत्म नहीं होती हैं, बल्कि यहां अन्य बुनियादी सुविधाएं तक नहीं दी गई हैं। इनमें बच्चों के बैठने के लिए बैंच और टेबल नहीं दी गई है। कई आंगनबाड़ी केंद्रों में टाट पट्टियां तक नहीं हैं। नतीजतन बच्चों को जमीन पर बैठना पड़ता है। इन केंद्रों में बच्चों एवं माताओं के रिकार्ड सुरक्षित रखने के लिए अलमारी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिसके कारण ये रिकार्ड ऐसे ही बेतरतीब रखा जाता है।
नाले के पास लगे हैंडपम्प का पी रहे पानी
बैरागढ़ चीचली के आंगनबाड़ी केंद्र एक और दो में पानी की व्यवस्था नहीं की गई है। केंद्र के सामने ही नाले के पास हैंडपम्प लगा हुआ है, जिसके आसपास हर समय गंदगी पसरी रहती है। मजबूरी के कारण यहां आने वाले बच्चे इस हैंडपम्प का गंदा पानी पीते हैं। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की अनदेखी के कारण बच्चों की सेहत पर हर समय खतरा मंडराता रहता है। इसके अलावा अन्य आंगनबाडिय़ों में कार्यकर्ता और सहायिकाएं आसपास के क्षेत्रों से पानी ढोने को मजबूर हैं, वहीं कई बच्चे घरों से ही पानी लेकर आते हैं।
राजधानी की सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में कैन के जरिये पानी सप्लाई किया जा रहा है। यदि कोलार की आंगनबाडिय़ों में पानी की व्यवस्था नहीं है तो अधिकारियों से बात कर समस्या का समाधान किया जाएगा।
संदीप यादव, आयुक्त, एकीकृत बाल विकास सेवा
Published on:
07 Apr 2018 05:15 pm
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