
सावन का पहला सोमवार, इस दिन ये कार्य आपको दिलाएंगे हर जगह विजय
भोपाल। सावन 2018 शुरू हो चुका है, इस बार यह माह 30 दिनों का होगा। जिसका पहला सोमवार कल यानि 30 जुलाई को आ रहा है। पंचाग के अनुसार, इस बार सावन में चार सोमवार है और सावन पूरे 30 दिनों का होगा। कृष्ण पक्ष 14 दिनों का और शुक्ल पक्ष 16 दिनों का है। इसलिए इस सावन के महीने में रुद्राभिषेक का अपना अलग ही महत्व होगा। वे लोग जिनकी शनि की साढ़े साती चल रही है, उन्हें सावन के पहले दिन रुद्राभिषेक अवश्य करना चाहिए, दोष दूर होंगे।
पंडित सुनील शर्मा का कहना है कि सावन में कुछ खास काम करने से कुछ खास फलों की प्राप्ति होती है। वहीं इसके अलावा एक ऐसा भी काम है जिसे करने से हर जगह विजय की प्राप्ति होती है।
पहला सोमवार को ऐसे करें पूजा...
इस साल सावन का पहला सोमवार 30 जुलाई को पड़ रहा है और इसे सौभाग्य योग्य बताया जा रहा है। ये एक धनिष्ठा नक्षत्र है और द्विपुष्कर योग का भी संयोग है, ऐसे में भगवान शिव जिन्हें जल्दी प्रसन्न हो जाने के कारण आशुतोष भी कहते हैं उनकी पूजा दूध, दही, मधु, चावल, पुष्प और गंगाजल से करें।
रोटक व्रत : वहीं पंडित शर्मा के मुताबिक इस साल सावन के महीने में रोटक व्रत भी लगने वाला है और शास्त्रों के अनुसार, जिस साल सावन में 4 सोमवार होते हैं उस साल ये व्रत लगता है। इस व्रत के बारे में ऐसी मान्यताएं हैं कि जो भक्त रोटक व्रत पूरा करता है यानी सावन के सभी सोमवार का व्रत रखता है उसकी भगवान शिव और माता पार्वती सभी इच्छाएं पूरी करते हैं।
ऐसे करें भगवान शिव का पूजन :
कहा जाता है कि भगवान शिव एक लोटा जल में भी प्रसन्न होने वाले भगवान हैं, बस वो जल श्रद्धा के साथ चढ़ाया गया हो। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति शिवजी की कृपा प्राप्त करना चाहता है तो उसे रोज शिवलिंग पर जल अर्पित करना चाहिए। विशेष रूप से सावन के हर सोमवार में और फिर शिवजी का पूजन करना चाहिए। इस नियम से शिवजी की कृपा बरसती है और भगवान आपकी सभी मनोकामनाएं भी पूरी करते हैं।
पंडित सुनील शर्मा का कहना है कि इस सावन भगवान शिव को खुश करना और भी आसान होगा क्योंकि जो संयोग इस बार आया है वो आपने पहले नहीं देखा होगा। उनके अनुसार यदि आपने सही विधि से भोलेनाथ को पूजा तो आपके घर और जीवन में खुशियों का आगमन हो जाएगा।
शिव के अभिषेक और उनके फल...
1. दुग्ध अभिषेक : भगवान शिव का दुग्ध अभिषेक करने से दीर्घ आयु प्राप्त होती है।
2. शहद अभिषेक : भगवान शिव का शहद से अभिषेक करने से जीवन के सभी कष्टों व दुखों का निवारण होते है ।
3. घी अभिषेक : घी से अभिषेक करने से शरीर की अस्वस्थता दूर होती है व किसी भी प्रकार की शरीरिक समस्या नहीं सताती हैं।
4. पंचामृत अभिषेक : पंचामृत अभिषेक पॉच प्रकार के पदार्थों को मिलाकर तैयार किया जाता है। यह है दूध, दही, मिश्री, घी व शहद। पंचामृत अभिषेक से धन सम्पदा की प्राप्ति होती है।
5. दही अभिषेक : दही से अभिषेक करने से संतान सुख व बच्चों के लिए आशीर्वाद प्राप्त होता है।
6. तिल के तेल से अभिषेक : तिल के तेल से अभिषेक करने से ज्ञान में वृद्धि होती है व हम ज्ञानवान बनते हैं।
7. चंदन अभिषेक : चंदन से अभिषेक करने से भाग्य में वृद्धि होती है व अरोग्यता प्राप्त होती है।
8. चावल के पाउडर से अभिषेक : चावल के पाउडर से अभिषेक करने से हर तरह के कर्ज से मुक्ति मिलती है।
9. गन्ने के रस से अभिषेक : गन्ने के रस से अभिषेक करने से हर तरह की शुत्रता से मुक्ति प्राप्त है।
10. नींबू के रस से अभिषेक : नींबू के रस से अभिषेक करने से मृत्यु भय से मुक्ति मिलती है व स्वास्थ लाभ भी होता है।
11. खजूर के रस से अभिषेक : खजूर के रस से अभिषेक करने से भीतरी व बाहरी शुत्रता का नाश होता है।
12. जल से अभिषेक : जल में गंगा जल को मिलाकर अभिषेक करने से शांति व संतोष की प्राप्ति होती है।
13. गोदूध से अभिषेक : गोदूध से अभिषेक करने से संतान सुखी रहती है व सर्प भय से मुक्ति मिलती है।
14. नारियल के रस से अभिषेक : नारियल के जल से अभिषेक करने से जीवन में समृद्धि व खुशहाली आती है।
इस प्रकार शिव अभिषेक करके आप भी अपने जीवन को सफल, संपन्न, ऊर्जावान व वैभवशाली बना सकते हैं।
सावन में भोलेनाथ को इस तरह पूजें :
वैसे तो शिव शंभु बहुत ही भोले माने जाते हैं, ऐसे में उन्हें मनाना बुहत आसान है, लेकिन अगर वे आपसे रुष्ट हो गए तो उनके क्रोध को शांत करना किसी के बस में नहीं होता।
पं.शर्मा के अनुसार यदि आप भी चाहते हैं कि इस सावन में कुछ ऐसा किया जाए जिससे आपको लगातार सफलता ही मिलती रहे तो भोलेनाथ को खुश करने के लिए इस सावन में ये खास तरीके हैं...
सावन में क्या करें क्या न करें
श्रावण मास की शिवपूजा में क्या करें, क्या न करें?
यह जरूर करें : धतूरा और भांग भगवान शिव को अर्पित करें। मिट्टी से शिवलिंग बनाकर नियमित इसकी पूजा करें। दूध दान करें। शाम के समय भगवान शिव की आरती पूजा करें।
यह ना कदापि करें :
- शरीर पर तेल नहीं लगाना चाहिए और न ही कांसे के बर्तन में खाना-खाना चाहिए। पूजा के समय में शिवलिंग पर हल्दी न चढ़ाएं। सावन के महीने में दूध का सेवन अच्छा नही होता है।
यही कारण है कि सावन में भगवान शिव का दूध से अभिषेक करने की बात कही गई है। इससे वात संबंधी दोष से बचाव होता है। सावन के महीने में दान के समय नहीं सोना चाहिए।
- सावन के महीने में बैंगन नहीं खाना चाहिए। बैंगन को अशुद्ध माना गया है। इस महीने में अगर घर के दरवाजे पर सांड आ आए तो उसे कुछ खाने को दें।
- मन में अशुद्ध विचार न लाएंं।
- बड़ों का सम्मान करें।
- क्रोध न करें।
- मांस का सेवन न करें।
- देर से न सोएं और न ही देर से जागें।
- सावन में शिवजी का अभिषेक करते समय कभी भी हल्दी का प्रयोग ना करें।
- पुराणों के अनुसार सावन महीने में स्त्री-पुरुष प्रसंग से बचना चाहिए। ब्रह्मचर्य व्रत के नियमों का पालन करना चाहिए। इससे नरक की यातना भुगतनी पड़ती है और अगले जन्म में पशु योनी में जन्म लेना पड़ता है।
पहले सोमवार को योग!...
वहीं कुछ ज्योतिष के जानकारों का कहना है कि इस बार सावन महीने की शुरुआत में बने एक योग के कारण यह मेष और सिंह राशि के लिए काफी फलदायक रहेगा। ऐसे में इन राशि वालों की मनचाही इच्छा के तो पूरी होगी ही साथ ही अचानक धन प्राप्ति भी हो सकती है। इसके अलावा वर्षो से रुके हुए काम भी इस सावन महीने में बनने लगेंगे।
ज्योतिष के जानकारों के अनुसार इस समय ये दो राशि वाले आप जिस भी कार्य में हाथ डालेंगे उसमें सफलता प्राप्त होगी। बुध कर्क राशि में आपके तीसरे भाव में रहेंगे, जिससे इन्हें व्यापार में खूब प्रगति और लाभ प्राप्त होगा। वहीं नए नए लोगों से मेलजोल बढ़ेगा, व्यापारिक और कार्य क्षेत्र को लेकर नई नई योजनाएं बनाएंगे। इसके बाद अगस्त में सूर्य के चौथे भाव में आने से इन्हें राजकीय कार्यों में भी सफलता प्राप्त होगी।
Updated on:
30 Jul 2018 11:14 am
Published on:
29 Jul 2018 08:08 pm
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