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MP के मंत्रियों के लिए सीएम ने बनाए नियम, सभी को करना होगा शत प्रतिशत पालन!

बीजेपी प्रवक्ता राहुल कोठारी ने साधा निशाना...
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भोपाल

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Deepesh Tiwari

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Updated: 7 Feb 2019, 7:18 PM IST

kamal order

मंत्रियों के

भोपाल। मध्यप्रदेश में करीब 15 साल तक सत्ता से दूर रही कांग्रेस ने वापस आते ही लगातार कई चीजों में बदलाव करती देखी जा सकती है। दरअसल वक्त है बदलाव के नारा के साथ सत्ता में आई कमलनाथ सरकार ने किसान कर्ज माफी के बाद वंदेमातरम गायन को लेकर कुछ बदलाव व कई सरकारी नीतियों में बदलाव किए।

वहीं पिछले कुछ दिनों से मंत्रियों की कई बार गैरजरूरी बयानबाजी के चलते सरकार कई बार घिरती तक दिखी। ऐसे में एक बार फिर व्यवस्था में बदलाव करते हुए कुछ नए निर्णय लिए गए हैं। इसके चलते मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सभी मंत्रियों के लिए नियम या यूं कहें आचार संहिता बना दी है। जिसका पालन सभी को करना अनिवार्य कर दिया गया है।

ये हैं खास बातें...
इसके तहत कैबिनेट मीटिंग की जानकारी अधिकृत मंत्री द्वारा ही दिए जाने,सार्वजानिक स्थानों और मीडिया के सामने संभल कर बोलने, संवेदनशील विषयों पर अपनी निजी राय देने से परहेज करने, सोच समझकर आचरण करने, भाषणों में नकारात्मक बातों से बचने, मोबाईल से संभलकर रहने, परिजन सरकारी लाभ न लें साथ ही विदेशों में लाभ न लेने संबंधी निर्देश दिए गए हैं।

मंत्रियों को लेकर सीएम द्वारा बनाए गए नियमों पर कैबिनेट मंत्री डॉ.गोविंद सिंह का कहना है कि देश में मंत्रियों के लिए यह पहली आचार संहिता होगी। जिसका वह और सभी मंत्री शत-प्रतिशत पालन करेंगे। वहीं कमलनाथ की मंत्रियों के लिए बनाई आचार संहिता पर बीजेपी प्रवक्ता राहुल कोठारी ने निशाना साधते हुए कहा है कि कमलनाथ के मंत्री बेलगाम हो चुके हैं। सीएम मंत्रियों के आचरण पर ध्यान दें, आचार संहिता बनाने से कुछ नहीं होगा।

मंत्रियों के लिए नियम...

- कैबिनेट बैठक के दौरान हुई चर्चा को केवल अधिकृत मंत्री ही प्रेस तक पहुंचाएंगे कैबिनेट की चर्चा गोपनीयता की परिधि में आती है।

- मंत्री किसी भी नीतिगत अथवा पॉलिसी संबंधी विषय पर बयान तब तक नहीं देंगे जब तक उसकी घोषणा मुख्यमंत्री ना करके अथवा उक्त विषय पर जब तक मुख्यमंत्री की सहमति प्राप्त ना हो जाए।

- टेलीविजन कैमरा को देखकर सावधानी से बातचीत करें और अपने बयान कम से कम शब्दों में दें, भाषण की मर्यादा का ध्यान हर हाल में रखा जाना चाहिए।

- संवेदनशील विषयों पर अपनी निजी राय देने से परहेज करें, आपके द्वारा कहा गया कोई भी वाक्य अनावश्यक विवाद पैदा कर सकता है, मीडिया और विरोधी दल को इस तरह के अवसरों की तलाश रहती है।

- मंत्री सार्वजनिक स्थानों पर गंभीर आचरण प्रदर्शित करेंगे तथा अपने पद की गरिमा के अनुरूप ही बातचीत करेंगे।

- सार्वजनिक भाषण करते समय ध्यान रखें कि आपकी कही गई सभी बातें समाचार बन सकती है उन बातों को बोलने से बचें जो नकारात्मक हो तथा सरकार के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं।