
कोरोना से लॉकडाउन की अफवाह फैलाकर बढ़ाने लगे दाम
भोपाल. कोरोना महामारी के नए वैरिएंट से लॉकाडाउन लगने की अफवाह फैलाकर प्रदेश में जमाखोर सक्रिय हो गए हैं। इसके असर से खुदरा बाजारों में उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें भी बढऩे लगी हैं। हालांकि सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अभी लॉकडाउन जैसी स्थिति नहीं है। इसके बाद भी प्रोडक्शन हाउस कर्मचारियों की कमी बताकर उत्पादन घटने की बात कहकर मंहगाई को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं। बीते तीन हफ्ते में खाद्य तेल, आटा, चावल, दाल, रवा जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में 2 से 5 रुपए प्रति किलो की तेजी आ गई है।
बढ़ने लगी जमाखोरी
कारोबारी जानकारों का कहना है कि उपभोक्ता उत्पाद बनाने वाली कई कंपनियां, मिलर्स व होलसेलर जमाखोरी को बढ़ावा दे रहे हैं। माल का स्टॉक बनाकर बाजार की सप्लाई चेन को प्रभावित कर रहे हैं। इसका असर उपभोक्ता वर्ग पर आ रहा है। जानकारों का कहना है कि उद्योग व मिल सौ प्रतिशत क्षमता के साथ चल रहे हैं। श्रम शक्ति का अभाव भी नहीं है, बावजूद इसके एक सिंडीकेट बनाकर बाजार को हवा दी जा रही है।
स्टॉक सीमा का भी उल्लंघन
महंगाई काबू में रहे, इसके लिए सरकार स्टॉक सीमा लागू करती है, लेकिन कहा जा रहा है कि कई जगह अघोषित गोदामों में कतिपय व्यापारी माल का स्टॉक कर रहे हैं।
2 से 5 रुपए की तेजी-मंदी रुटिन की हो सकती है। इस महंगाई का लॉकडाउन से कोई लेना-देना नहीं है। कुछ चीजें मौसम पर भी निर्भर होती है। मौसम के कारण उत्पादन कमजोर होने से महंगाई का असर दिख सकता है। हालांकि अभी ऐसा कोई बूमर नहीं है।
-सुनील अग्रवाल, प्रभारी अध्यक्ष, कैट, मप्र
थोक बाजारों में जिस कीमत का माल खरीदते हंै, उस पर एक दो रुपए किलो का मार्जिन पर माल बेचा जाता है। अभी कुछ खाद्य वस्तुओं में तेजी आई है। यह ऊपर से ही है।
-विनय जैन, खुदरा किराना कारोबारी
Published on:
25 Jan 2022 01:09 am
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