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नेशनल हाइवे में अपग्रेड हुई साढ़े 3 हजार किमी सड़कें बनेगी फोर लेन, लोगों को मिलेगी जाम से निजात

- इन सड़कों पर लगातार बढ़ रहा है ट्राफिक का दबाव , राज्य सरकार ने दो साल पहले किया था सड़कों को केन्द्र सरकार के हवाले

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भोपाल

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Ashok Gautam

Mar 10, 2020

नेशनल हाइवे में अपग्रेड हुई साढ़े 3 हजार किमी सड़कें बनेगी फोर लेन, लोगों को मिलेगी जाम से निजात

नेशनल हाइवे में अपग्रेड हुई साढ़े 3 हजार किमी सड़कें बनेगी फोर लेन, लोगों को मिलेगी जाम से निजात

भोपाल। नेशलन हाइवे में अपग्रेड हुई प्रदेश की लगभग 3 हजार कलोमीटर सड़कें अब फोर लेन में तब्दील होंगी। इन सड़कों को फोर बनाने के तैयारी नेशनल हाइवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) ने शुरू कर दी है। डीपीआर तैयार करने के बाद भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जाएगी। ये सड़कें आगामी दो से तीन साल के अंदर फोर लेने में बदल जाएंगी।
प्रदेश के करीब ३० अधिक स्टेट हाइवे पर अत्यधिक यातायात का दबाव है। इसी के चलते राज्य सरकार ने इन सड़कों को केन्द्र के हवाले कर दिया है। तीन साल पहले हुए सर्वे में भी यह बात सामने आई हैं कि इन सड़कों पर वाहनों का दबाव १० हजार पैसेंजर कार यूनिट (पीसीयू) हो गया है। इसके चलते इन सड़कों को एनएच में अपग्रेड करना जरूरी था।

5 हजार करोड़ खर्च करेगा एनएचएआई

केन्द्र सरकार इन सड़कों को फोर लेन बनाने पर पांच हजार करोड़ रूपए खर्च करेगी। इन सड़कों के निर्माण का काम दो से तीन साल के अंदर पूरा किया जाएगा। जिन क्षेत्रों निजी जमीन, गांव, वन भूमि अथवा धार्मिक स्थल सड़क की जद में आ रहे हैं उसका सर्वे किया जा रहा है। सर्वे पूरा करने के बाद ग्रामीणों को मकान हटाने के लिए समय दिया जाएगा। इसके अलावा भूमि अधिग्रहण के लिए भी किसानों से सहमति ली जाएगी। प्रस्तावित फोरलेन की जद में करीब दो दर्जन से अधिक कस्बे आ रहे हैं, जहां बाईपास बनाए जाएंगे। वहीं एनएचएआई ने करीब पांच हजार किलोमीटर पुरानी सड़कों को भी एक साल के अंदर निर्माण करने का लक्ष्य रखा है।

दो राज्यों को जोड़ती हैं ये सड़कें

ये सड़कें मप्र को आस-पास के राज्यों को जोड़ती हैं। प्रदेश में ट्राफिक के लिहाज से भी ये सड़कें काफी महत्वपूर्ण हैं। ये सड़कें पर्यटन के लिए हिसाब से भी महत्वपूर्ण हैं। जिलों से पर्यटक स्थलों, व्यावसायिक क्षेत्र, धार्मिक स्थलों अथवा दो या उससे अधिक नेशनल हाइवे को जोड़ती हैं। बताया जाता है कि केन्द्र सरकार ने तीन साल पहले इस तरह की सड़कों चिंहित करने के लिए राज्य सरकारों से कहा था।


पुरानी सड़कों की मरम्मत करने जारी किए 175 करोड़

केन्द्र सरकार में पुरानी सड़कों के रख-रखाव के लिए कोई बजट निर्धारित नहीं किया जाता है। इसके बाद भी सरकार ने पुरानी सड़कों के रख-रखाव एवं मरम्मत के लिए 175 करोड़ रूपए से ज्यादा राशि मप्र के लिए की गई है। इन राशि से उन सड़कों के मरम्मत कार्य कराए गए जा रहे हैं, जिनके निर्माण कार्य का ठेका देने की कार्य योजना तैयार की जा रही है अथवा ये सड़कें मप्र लोक निर्माण विभाग के हवाले हैं।

ये हैं प्रमूख सड़कें हुई ट्रांसफसर
-गुलगंज-अमानगंज- पवई- कटनी

- ब्यावरा- मकसूदनगढ़
- मेहुना-लाहर- दबोह रोड

- पवई- सहेला-नागोद रोड
-पोरसा-अटेर-भिंड

-पचोर-शुजलापुर
-मकसूदगढ़-सिरोंज

- सुजालपुर- आष्टा रोड
- इंदौर-एदलाबाद ( उज्जैन झालावाड़)

- अंजड़-टिकरी रोड
- मुरैन-अम्बाह पोरसा रोड

- टिकरी-बड़वानी रोड
-सतना- बेला-बमीठा

- जिकारिया-करोली मोहना रोड़
- बमीठा- सतना रोड

- सतना-बेला रोड़