
चार बदमाशों युवक को मारी गोली, दहशत में लोग
भोपाल @नीलेंद्र पटेल की रिपोर्ट...
राजधानी के ऐशबाग थाना क्षेत्र के काली जी मंदिर के पास आज सुबह चार बदमाशों ने एक युवक को गोली मार दी। गोली लगने के बाद युवक को अस्पताल पहुंचाया गया है जहां पर युवक का इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि सलीम नाम के युवक ने गोली चलाई हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों का पकड़ा जाएगा। वहीं युवक के परिजनों का कहना है कि इस घटना के बाद उनका पूरा परिवार दहशत में है।
भू-माफिया ने घर में घुसकर की मारपीट, डंडे से हाथ तोड़ा
राष्ट्रीय राजमार्ग कर्नाटक के टीम लीडर का भूमाफिया ने घर में घुसकर डंडे से हाथ तोड़ दिया। लहूलुहान हालत में वह अवधपुरी थाने पहुंचे, जहां, टीआई मांगीलाल भाटी ने हमले को अपराध योग्य नहीं मानते हुए एफआईआर दर्ज नहीं की। घायल ने टीआई की भूमाफियों से मिलीभगत की शिकायत एसपी से लेकर डीआईजी तक की, तब कहीं जाकर 15 दिन बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
डंडे से सिर पर हमला कर दिया
जानकारी के मुताबिक, मकान नंबर बी-24 प्रगति नगर अवधपुरी निवासी 50 वर्षीय डॉ. शैलेंद्र कुमार दुबे राष्ट्रीय राजमार्ग कर्नाटक में टीम लीडर के पद पर पदस्थ है। उन्होंने बताया कि दो नवंबर की सुबह पौने सात बजे उनके घर पर किसी ने दरवाजे पर घंटी बजाकर बाहर बुलाया। वह दरवाजा खोलकर बाहर निकले। बाहर निकलने पर उनकी गाड़ी के पीछे छिपे बाबू भाई अहिरवार व खुमान सिंह ठाकुर ने सीधे डंडे से सिर पर हमला कर दिया। दुबे ने दावा किया जाते-जाते आरोपियों ने कहा कि उन्हें वीरु लाहोरी, मिली राय व उसके पति जोसेफ डेनियल ने हमला करने के लिए भेजा है। अब जल्दी से चेक का भुगतान कर देना।
दोनों आरोपी भाग निकले
हमले में घायल दुबे ने डायल-100 पर फोन कर पुलिस को बुलाया। पुलिस जेपी अस्पताल मेडिकल कराने लेकर पहुंची। मेडिकल के बाद वह थाने पहुंचे, तो पुलिस ने साधारण मारपीट का भी मामला दर्ज नहीं किया। एनसीआर काट दी। इसके बाद टीम लीडर टूटे हाथ को लेकर एसपी संपत उपाध्याय, डीआईजी इरशाद वली के पास पास पहुंचे, तो मामले में पंद्रह दिन बाद एफआईआर की गई।
8 लाख देने के बाद 4 लाख की मांग
शैलेंद्र ने बताया कि उन्होंने वीरु लाहोरी, मिली राय व उसके पति जोसेफ डेनियल के माध्यम से अवधपुरी में एक मकान खरीदा है। जिसके बगल में शासकीय जमीन है। शैलेंद्र का कहना कि इन्होंने मकान के बगले में खाली पड़ी सरकारी जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए 12 लाख रुपए में सौदा किया था। सौदे के अनुसार शैलेन्द्र ने आठ लाख रुपए दे दिए, लेकिन रजिस्ट्री नहीं हुई। आरोपी चार लाख रुपए की रकम भी मांगने लगे। शैलेन्द्र ने रजिस्ट्री नहीं होने पर बाकी की रकम देने से इंकार कर दिया।
टीआई-महिला हेडकांस्टेबल का खेल!
टीआई भाटी पर पहले भी विवादित जमीनों से जुड़े लोगों के साथ मिलीभगत के आरोप लग चुके हैं। इधर, दुबे ने आरोप लगाया कि थाने में पदस्थ हेडकास्टेबल सुषमा आरोपी वीरू से जुड़ी हुई है। सुषमा के इशारे पर ही टीआई ने उनका केस दर्ज नहीं किया।
फरियादी दुबे के खिलाफ पूर्व में छेड़छाड़ का अपराध कायम है। घटना के दिन वे कोई सबूत पेश नहीं कर सके थे, इसलिए एनसीआर काटी। एक्स-रे रिपोर्ट मिलने के बाद केस दर्ज किया गया है। आरोपियों से मिलीभगत के आरोप गलत हैं।
मांगीलाल भाटी, टीआई, अवधपुरी थाना
Published on:
20 Nov 2019 12:05 pm
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