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पूरे शरीर की अंदर से सफाई करने के आसान उपाय, ऐसे करें बॉडी को डिटाक्सीफाई

BODY DETOX REMEDIES : पूरी बॉडी की गंदगी निकालने का उपाय...

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पूरे शरीर की अंदर से सफाई करने के आसान उपाय, ऐसे करें बॉडी को डिटाक्सीफाई

पूरे शरीर की अंदर से सफाई करने के आसान उपाय, ऐसे करें बॉडी को डिटाक्सीफाई

भोपाल। शरीर को होने वाली बीमारियों को मुख्य कारण हमेशा ही शरीर के अंदर ही होता है। ऐसे में शरीर के ही कुछ विकार हमारे शरीर को रोगी तो बनाते ही हैं, साथ ही शरीर को काफी नुकसान भी पहुंचाते हैं।

इनसे बचने के लिए सबसे जरूरी है शरीर के अंदर की सफाई, लेकिन कैसे? यानि शरीर के अंदर से सफाई की जानकारी के अभाव में हम और हमारे अपने लगातार उन परेशानियों का शिकार होते जाते हैं। जिनसे हम आसानी से मुक्ति पा सकते हैं।

शरीर के अंदर की सफाई यानि पूरी बॉडी की गंदगी या शरीर को डिटाक्सीफाई के संबंध में लोगों को जागरुक करने के लिए हमने आयुर्वेद के डॉक्टर राजकुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि वर्तमान जीवन शैली के साथ ही जानकारी की कमी हमें लगातार एक ओर जहां हमारी उम्र घटाती जा रही है, वहीं हमारी शारीरिक समस्याओं का कारण भी बन रही है।

डॉक्टर राजकुमार के अनुसार हमारे शरीर में मौजूद खून - शरीर के करोड़ों सेल्स को ऑक्सीजन, मिनरल्स, और अन्य पोषक तत्व पहुंचाने का काम करता है और यही सेल्स हमारे स्वस्थ शरीर का भी निर्माण करते हैं। लेकिन हमारे गलत खानपान से, अधिक अम्लीय पदार्थ और नमक के सेवन से ये धीरे धीरे दूषित होते जाता है।

वहीं यदि शरीर से विजातीय पदार्थ जैसे मल मूत्र आदि, अगर सही से ना निकलें तो भी ये गंदगी शरीर के रक्त में घुल जाती हैं। जिस कारण से अनेक रोग उत्पन्न हो जाते हैं।

जिनमें चर्म रोग विशेष हैं। इसलिए स्वस्थ और सुन्दर शरीर की कामना रखने वालों को अपने रक्त की शुद्धि पर विशेष ध्यान देना चाहिए।


इस कारण होता है रक्त दूषित...
भोजन में फल- साग, क्षारीय उत्पादक चीज़ों के कम खाने, अधिक अम्लीय पदार्थ और नमक खाने, अनुचित खान-पान और कब्ज रहने से रक्त दूषित हो जाता है। रक्त अशुद्ध होने पर किसी भी रूप में नमक ना खाएं।

इनका करें उपयोग...
जानकारों के अनुसार चीनी के स्थान पर गुड खाना चाहिए। विटामिन ‘सी’, लोहा, कैल्शियम ये सभी रक्तशोधक है। अत: खून को प्राकृतिक तरीके से साफ़ करने के लिए इन आहारों को अपने भोजन में ज़रूर शामिल करना चाहिए।

खून की सफाई और बॉडी डिटॉक्स के आसान घरेलु उपाय : BODY DETOX — BLOOD PURIFY, liver , KIDNEY , stomach become clear

नीम - क्त दोष दूर : नीम की पाकी हुई दस निम्बोली नित्य चूसने से रक्तविकार ठीक हो जाता है। नीम के पत्ते, फूल, निम्बोली छाल और जड़ सबको छाया में सुखाकर पीस लें। चौथाई चम्मच प्रतिदिन इसकी पानी से फंकी लें। इससे हर प्रकार का रक्त दोष ठीक हो जायेगा। लम्बी आयु तक जीवन स्वस्थ रहेगा।

मुनक्का - किडनी और लिवर शुद्ध: 25 ग्राम मुनक्के रात को पानी में भिगों दें। इन्हे प्रात: पीसकर एक कप पानी में घोलकर प्रतिदिन पीते रहने से रक्त साफ़ होता है। इस प्रयोग से किडनी और लिवर शुद्ध हो जाते है। इसको महीने में 3-4 बार कर सकते है यह बहुत कारगर उपाय है।

ग्वारपाठा (एलोवेरा) - पूरे शरीर के लिए फायदेमंद : ग्वारपाठा रक्तशोधक है। ग्वारपाठे का ताज़ा रस 25 ग्राम शहद 12 ग्राम और आधे नींबू का रस मिलाकर दो बार सुबह शाम पीना चाहिए।

करेला - दूषित रक्त साफ़ : 60 ग्राम करेले का रस एक कप पानी में मिलाकर नित्य कुछ दिन तक सेवन करने से शरीर का दूषित रक्त साफ़ हो जाता है।

आंवला - चर्म रोगों में लाभदायक : आंवला रक्त में बढ़ी हुई गर्मी को कम करता है। रक्त में जमा मल, विष को दूर कर रक्त शुद्ध करता है। मांस में गर्मी बढ़ा कर मांस के मल को जलाता है। पेशी कोषों को शुध्द करता है। आंवला हर प्रकार शरीर की हर चीज़ की सफाई करता है। चर्म रोगों में लाभदायक है। यह विटामिन ‘सी’ का भण्डार है। नया रक्त बनाता है।

दूध - रक्त शुद्ध: कच्चे दूध की लस्सी पीने से रक्त शुद्ध रहता है। चार दिन दूध में शहद डालकर पीएं।

बेल - रक्त साफ़ : बेल का चूर्ण और देशी बूरा सामन मात्रा में मिला कर पानी से फंकी ले। रक्त साफ़ हो जायेगा।

नींबू - पेट और आंतों की सफाई: नींबू रक्त को शुद्ध करता है। नींबू को हल्के गरम पानी में दिन में तीन बार पीना चाहिए। पानी, चाय की तरह गर्म होना चाहिए। या एक नींबू के चार टुकड़े कर लें। चार कप दूध भर लें। एक कप दूध में एक टुकड़ा नींबू का निचोड़ कर तुरंत पी जाएं।

हर दस मिनट बाद दूध के अन्य कप व नींबू इसी प्रकार एक-एक कर पीते जाएं। पांच सप्ताह नियमित इस प्रकार नींबू का प्रयोग करने से रक्त साफ होकर शरीर में शक्ति आएगी। भूख अच्छी लगेगी। कब्ज दूर होगी। बेचैनी दूर होगी। यह पेट और आंतों की सफाई करता है और परजीवियों को शरीर से बाहर करता है।

आम - रक्त साफ़ : एक कप आमरस, एक चौथाई दूध, एक चम्मच अदरक का रस, मिश्री स्वाद के अनुसार मिला कर नित्य पीना चाहिए। यह रक्तशोधक है। एक कप आमरस में आधा कप दूध, एक चम्मच घी, दो चम्मच अदरक का रस मिलाकर नित्य जब तक आम मिलते रहें, पीते रहें। इससे स्वास्थ्य अच्छा रहेगा तथा रक्त साफ़ होगा।


मेहंदी - रक्त की सफाई : मेहंदी रक्त की सफाई करती है। रात को मेहंदी स्वच्छ पानी में भिगो दें, सवेरे निथार कर पानी पिएं।

हल्दी - रक्त साफ़ : आधा चम्मच हल्दी, एक चम्मच पिसा हुआ आंवला मिला कर गर्म पानी से फंकी लेने से रक्त साफ़ होता है।

प्याज - रक्तविकार दूर : प्याज का रस एक चौथाई कप और एक निम्बू का रस या शहद मिला कर दस दिन नित्य पीने से रक्त विकार दूर होकर रक्त शुद्ध होता है। प्याज का ताज़ा रस आधा कप, गाजर का रस एक कप, पालक का रस एक कप ये तीनो मिलाकर नित्य प्रात: भूखे पेट पीने से रक्तविकार दूर होकर रक्त साफ़ हो जाता है।


गोभी - चर्म रोग में लाभकारी : गोभी में गंधक बहुत मिलता है। गंधक खुजली, कुष्ठ, आदि चर्म रोगों में लाभदायक है। गोभी रक्तशोधक है अत: इसे भाप में उबालकर खाना चाहिए। यह पानी में उबालने से गैस उत्पन्न करती है।

टमाटर - चर्म रोग में लाभकारी : लाल टमाटर का रस सुबह शाम एक एक गिलास पीने से रक्त साफ़ होता है। चर्म पर होने वाली छोटी छोटी फुंसियां, खुजली, त्वचा का रूखापन, सूखापन, तथा लाल चकते दूर हो जाते हैं।

आकड़ा : आकड़े के ताज़े फूल और काली मिर्च समान मात्रा में मिलाकर, पीस कर मटर के दाने के बराबर गोलियां बना कर सुख लें। एक एक गोली चार बार रोज़ाना पानी से दो महीने तक लें।

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