
चित्रों में गांधी, सत्याग्रह, सिद्धांत व विचार
भोपाल। किसी ने गांधी के सत्य व अहिंसा के मार्ग को पेंटिंग के माध्यम से दिखाया, तो किसी ने ध्यान मुद्रा में गांधी जी को कैनवास पर उकेरा। किसी ने गांधी के सिद्धांतों को बर्ड फार्म में दिखाया, किसी ने हाथी व लालटेन के रूप में गांधी के विचारों को कैनवास पर दर्शाया। कुछ ऐसे से ही गांधीजी से संबंधित पेंटिंग देखने को मिली स्वराज वीथी में, जहां गांधी जयंती पर उनके चित्रों की चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
इस एग्जीबिशन में भारत के 20 कलाकारों की पेंटिंग एग्जीबिट की गई, जिसमें महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, उत्तरप्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल, केरला, नई दिल्ली, झारखंड, बिहार, राजस्थान, छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश आदि राज्यों के चित्रकार शामिल हैं। इसमें गांधी जी द्वारा किए गए स्वतंत्रता आंदोलन एवं विचार को पेंटिंग के माध्यम से कैनवास पर दिखाया।
खुद कपड़े बुनो और पहनो
उड़ीसा से आईं सत्यभामा मांझी ने बताया कि पिछले 15 साल से पेंटिंग कर रही हैं। इस कार्यशाला में उन्होंने गांधी जी के संदेश 'खुद कपड़े बुनो और पहनोÓ पर पेंटिंग तैयार की है, जिसमें गांधी जी को एक चादर ओढ़े हुए दिखाया गया है। साथ ही चादर को बनाने के लिए चरखा भी दिखाया गया है, जिससे धागा बनकर निकल रहा है और चादर में जुड़ रहा है। इसमें रियल धागे का उपयोग किया गया है।
पेंटिंग में ट्रेडिशनल और मॉडर्न फार्म
पुणे से आए गजराज चौहान ने ट्रेडिशनल और मॉडर्न फार्म को मिक्स करके पेंटिंग को बनाया है। इसमें एक आदिवासी लड़की मोबाइल यूज कर रही है, वहीं मोबाइल की स्क्रीन पर गांधी जी की प्रतिमा को दिखाया है। गुजरात से आई तृप्ति पटेल बताती हैं कि मैंने इस पेंटिंग के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लेने वाली महिलाओं को दिखाया है।
इसमें उल्लू के माध्यम से रातभर जागकर महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्य को दिखाने की कोशिश की है। उन्होंने बताया कि उस समय महिलाएं रात में ही अपने सारे काम करती थीं। इस दौरान संदेश देना, आंदोलनकारियों को खाना पहुंचाना आदि काम में मदद करती थीं। वहीं चित्र में लालटेन के अंदर तीन बंदर दिखाए गए हैं, जो कि महात्मा गांधी के विचार को दर्शाते हैं।
Published on:
07 Oct 2018 10:25 am

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