2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सत्ता-संगठन से होगा पीएम मोदी का संवाद, पहली बार विधायक-सांसदों संग करेंगे ‘रात्रिभोज’

Global Investors Summit: मध्यप्रदेश में पहली बार डिनर की राउंड टेबल चेयर पर पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, सांसद-विधायकों से संवाद करेंगे।

2 min read
Google source verification
Global Investors Summit

Global Investors Summit

Global Investors Summit: मध्यप्रदेश को निवेश प्रदेश बनाने के लिए 24-25 फरवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 फरवरी को ही प्रदेश दौरे पर रहेंगे। बागेश्वरधाम में कैंसर अस्पताल की नींव रखने के बाद प्रधानमंत्री रात में भोपाल में रहेंगे।

प्रदेश में पहली बार डिनर की राउंड टेबल चेयर पर पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, सांसद-विधायकों से संवाद करेंगे। वे राजभवन में रात्रि विश्राम करेंगे। इसके बाद 24 फरवरी को समिट के जरिए निवेश के द्वार खोलेंगे। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में कार्यक्रम की तैयारी शुरू हो गई है। बुधवार को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने तैयारियों का जायजा लिया।

100 से ज्यादा लगेंगी टेबल

सभागार में डिनर के लिए 100 से ज्यादा राउंड टेबल लगाई जाएंगी। इसमें सांसद-विधायक बैठेंगे। बताया जा रहा है कि मोदी खुद टेबलों के पास जाकर संवाद कर सकते हैं या फिर एक साथ भी संबोधित कर सकते हैं। हालांकि कार्यक्रम का शेड्यूल अभी तय नहीं हुआ है।

इन अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधि भी आएंगे

● विश्व बैंक के कंट्री डायरेक्टर ऑगस्टे टैनो कौमे, वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन के डिप्टी एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर दुष्यंत ठाकुर।

● जेट्रो कंपनी जापान के महानिदेशक हिरोयुकी किटामुरा, जर्मन ट्रेड-इन्वेस्ट की निदेशक सीमा भारद्वाज।

● इंडो जर्मन चैंबर ऑफ कॉमर्स के एमडी स्टीफन हलूसा, सिंगापुर इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री चेयरमैन मनीष त्रिपाठी।

● रूस के उल्यानोव्स्क के गवर्नर रुस्किख अलेक्सेई युर्येविच।

ये भी पढ़ें: Global Investors Summit: 15 वीआइपी कलर कोड से होगी मेहमानों की एंट्री, स्पेशल इनवाइटी को मिलेगा 'गोल्ड'

जीआइएस में 13 देशों के राजदूतों, 6 उच्चायुक्त आएंगे

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए जर्मनी, यूके, जापान, रूस, कनाडा जैसे कई देशों ने रूचि दिखाई है। अब तक 13 देशों के राजदूत, 6 उच्चायुक्त, कई महावाणिज्य दूत और 10 से अधिक अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सहभागी बनने की सहमति दी है। आगे यह संख्या और बढ़ेगी। वैश्विक प्रतिनिधियों के आने से प्रदेश में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।