
भोपाल। अगर आप भी कॉलेज स्टूडेंट्स हैं और मध्य्रप्रदेश के कॉलेजों में अध्ययनरत हैं तो यह खबर आपके काम की है। दरअसल लोकल रिसोर्स के आधार पर अब कॉलेज में वोकेशनल कोर्स भी संचालित किए जाएंगे। उच्च शिक्षा आयुक्त कर्मवीर शर्मा ने इस संदर्भ में निर्देश भी जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत व्यावसायिक पाठ्यक्रम के विषय निर्धारित किए जाएंं, ताकि छात्रों को रोजगार और स्वरोजगार दोनों में लाभ मिल सके।
उच्च शिक्षा आयुक्त कर्मवीर शर्मा ने सोमवार को बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में आयोजित भोपाल संभाग की समीक्षा बैठक में इस संदर्भ के निर्देश जारी किए। उनका कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में उन्हीं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में शिक्षा दी जाए, जो विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित हों और विद्यार्थी इस सर्टिफिकेट कोर्स से स्थानीय स्तर पर ही स्व-रोजगार या रोजगार प्राप्त कर सकें।
व्यावसायिक कोर्स पर होगी चर्चा
उच्च शिक्षा आयुक्त कर्मवीर शर्मा ने कहा कि जब विद्यार्थी अपने क्षेत्र में उपलब्ध उत्पाद या उद्योग के संबंध में व्यावसायिक प्रशिक्षण और प्रमाण-पत्र प्राप्त करेंगे, तो निश्चित रूप से हमारी शिक्षा पद्धति रोजगारमूलक मानी जाएगी। महाविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों के साथ बैठक कर उनकी रुचि के व्यावसायिक कोर्स के विषय पर चर्चा की जाए।
ग्रामीण महाविद्यालयों में लगेंगे सोलर पैनल
बैठक में उच्च शिक्षा आयुक्त ने यह भी जानकारी दी कि ग्रामीण क्षेत्रों के महाविद्यालयों में बिजली की समस्या अब जल्द ही दूर हो जाएगी। इसके लिए इन महाविद्यालयों में सोलर पैनल लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी महाविद्यालयों को ऊर्जा-संरक्षण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों में सीएम हेल्पलाइन में विद्यार्थियों द्वारा की जा रही शिकायतों को गंभीरता से लें और इनका तत्काल समाधान करने का प्रयास करें। इन शिकायतों के निवारण के लिए विद्यार्थियों पर दवाब नहीं बनाया जाए। वहीं विभागीय शिकायतों एवं जांचों का निवारण एक सप्ताह में किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर भोपाल संभाग के शासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्य, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस. के. जैन, क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक डॉ. मथुरा प्रसाद सहित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
Published on:
13 Dec 2022 12:12 pm
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