Bollywood Star Govinda in Bhopal : आपको बता दें कि जन्माष्टमी के अवसर पर गोविंदा यहां आयोजित एक मटकी फोड़ कार्यक्रम में शिरकत करने आए थे। इस बीच होटल ताज में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सनातन धर्म के विवाद को लेकर अपनी राय रखी। आखिर अभिनेता गोविंदा ने इस बारे में क्या कह दिया कि वे चर्चा का विषय बन गए, जानने के लिए जरूर पढ़ें पूरी खबर...
Bollywood Star Govinda in Bhopal : सनातन धर्म को लेकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे और द्रमुक नेता उदयनिधि स्टालिन द्वारा की गई टिप्पणी के बाद विवाद की स्थिति लगातार बनी हुई है। विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अब इस बीच भोपाल पहुंचे बॉलीवुड स्टार गोविंदा ने भी इस विवाद में एंट्री मारी है। आपको बता दें कि जन्माष्टमी के अवसर पर गोविंदा यहां आयोजित एक मटकी फोड़ कार्यक्रम में शिरकत करने आए थे। इस बीच होटल ताज में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सनातन धर्म के विवाद को लेकर अपनी राय रखी। आखिर अभिनेता गोविंदा ने इस बारे में क्या कह दिया कि वे चर्चा का विषय बन गए, जानने के लिए जरूर पढ़ें पूरी खबर...
दरअसल सनातन धर्म को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच अभिनेता गोविंदा ने भी अपनी राय दी है। बॉलीवुड के हीरो नंबर वन ने इस विवाद पर अपनी राय बताते हुए कहा है कि 'सनातन धर्म समुद्र की तरह है। जिस तरह से समुद्र अपने होने का प्रमाण नहीं देता और अथाह सीमाओं में बहता रहता है। वो नहीं कहता कि इतना पानी कहां से आया। इसी तरह सनातन धर्म है, सबसे पुराना और विशाल है। इस पर किसी के बयान की जरूरत नहीं है कि सनातन धर्म कैसा है।' आपको बता दें कि गोविंदा पत्रकारों के सवालों के जवाब दे रहे थे। इसी दौरान उन्होंने यह बातें भी कहीं।
वह यहां पर नेहरू नगर में भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मटकी फोड़ आयोजन में शिरकत करने आए थे। भोपाल के लोगों से मिला है बहुत प्यार गोविंदा ने कहा कि भोपाल आकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। पहले भी वे यहां आए थे, जब से ही लोगों से दिल का नाता जुड़ गया है। गोविंदा ने कहा कि उन्हें और उनकी पत्नी को भोपाल के लोगों ने बहुत प्यार दिया है। लोग बुलाते रहेंगे और वे आते रहेंगे। यही नहीं राजनीति मेंं आने को लेकर उन्होंने कहा कि वे राजनीति से होकर ही आए हैं। जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का संदेश आया। मुंबई से चुनाव भी लड़ा और जीता भी। उनकी राजनीति में ज्यादा रुचि नहीं थी। इसलिए उन्होंने राजनीतिक गलियारों को छोड़ एक बार फिर फिल्मों की ओर रुख किया। गोविंदा ने आगे कहा कि हां यदि कोई बुलाता है, तो इस बारे में सोचूंगा।