
धान से हाउसफुल हुई कोटा की भामाशाह मंडी, हर दिन आ रही 1 लाख बोरी धान, सड़कों पर हो रही नीलाम
भोपाल। मध्यप्रदेश में अब नई कृषि उपज मंडी की स्थापन करने और उसके इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 50 लाख रुपए दिए जाएंगे। पहले यह राशि महज 2 लाख रुपए थी। सरकार ने राज्य विपणन विकास निधि के नियमों में संशोधन कर दिया है। ये नियम सन् 2000 में बनाए गए थे।
मंडी बोर्ड को इस तरह की शिकायत आ रही थी कि मंडी की स्थापना और निर्माण के लिए सिर्फ 2 लाख रुपए बहुत कम राशि है। प्रदेश में बन रही नई कृषि उपज मंडियों में शेड के साथ ही आंतरिक रोड, बाउंड्रीवॉल, किसानों-तुलावटियों के लिए प्रसाधन कक्ष एवं केंटीन बनाने का भी प्रावधान है। ऐसे में कई जगह मंडी निर्माण का काम अटक रहा था। सरकार ने इस मामले में अब मंडी निर्माण की राशि को बढ़ाकर पच्चीस गुना कर दिया है।
प्रदेश में बनना है दो दर्जन नई मंडिया-
प्रदेश में दो दर्जन से ज्यादा नई कृषि उपज मंडियां बनना है। इन्हें लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और किसानो की तरफ से भी प्रस्ताव पहुंचे हैं। ऐसे में इन नई मंडियों को अब सरकार के नए प्रावधानो के मुताबिक स्थापना और निर्माण के लिए 50 लाख रुपए मिलेंगे।
Published on:
24 Nov 2019 07:47 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
