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बड़ी राहत: GST में 178 चीजों पर कम हुई टैक्‍स की दर, जानिये कैसे होगा फायदा

कारोबारियों को राहत देते हुए काउंसिल ने जीएसटीआर-3बी फॉर्म के जरिए रिटर्न भरने की अवधि को बढ़ाकर 31 मार्च 2018 तक कर दिया है।

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GST latest news 11 nov.2017

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल सहित अन्य जिलों के लोग लंबे समय से जीएसटी में राहत का इंतजार कर रहे थे। जिसके बाद अब उन्हें जीएसटी कॉउंसिल की तरफ से कुछ राहत दी गई है। जिसके तहत करीब 178 प्रोडक्ट्स पर टैक्‍स दरों में कटौती कर दी है। ऐसे में अब सिर्फ 50 प्रोडक्ट्स पर ही 28 फीसदी जीएसटी लगेगा। जबकि बाकी प्रोडक्ट्स पर टैक्स घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है।

इस घोषणा के बाद लोगों के कुछ हद तक चेहरों पर रौनक लौट आई है। दरअसल इस संबंध में जानकारी मिलते ही जहां छोटे कारोबारियों को राहत मिली वहीं अनुमान है कि इससे महंगाई में भी कमी आएगी।

ये मिली राहत :
अब 31 मार्च तक रिटर्न - कारोबारियों को राहत देते हुए काउंसिल ने जीएसटीआर-3बी फॉर्म के जरिए रिटर्न भरने की अवधि को बढ़ाकर 31 मार्च 2018 तक कर दिया है। इसके साथ ही देरी से रिटर्न फाइल करने पर लगने वाले जुर्माने में भी कमी की गई है। जीएसटीआर -2 की समीक्षा के लिए कमेटी बनेगी।

कंपोजिशन स्कीम वाले कारोबारियों के लिए जुलाई-सितंबर तिमाही के रिटर्न भरने के लिए जीएसटीआर-4 फॉर्म को भरने की अंतिम तारीख को 18 अक्टूबर से 24 दिसंबर कर दिया गया है।
एसी-नॉनएसी रेस्तरां में भेद खत्म- अब एसी और नॉनएसी रेस्तरां में टैक्स का भेद खत्म कर दिया गया है। सभी रेस्तरां व होटलों पर जीएसटी की दर को 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया है। अब रेस्टारेंट संचालक इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ नहीं ले पाएंगे। फाइव स्टार होटल के रेस्टोरेंट मेें 18 प्रतिशत ही लगेगा। 7500 रु. किराए वाले होटलों पर 18 फीसदी जीएसटी लगेगा। इन्हेें टैक्स क्रेडिट मिलेगा।

178 प्रोडक्ट्स पर टैक्‍स दरों में कटौती करने व केवल 50 प्रोडक्ट्स पर ही 28 फीसदी जीएसटी लगने से महंगाई में कमी आएगी। अब तक कई प्रोडक्टस में 28 फीसदी जीएसटी वसूला जा रहा था, जिससे महंगाई कम नहीं हो रही थी। अब आशा है इसका अच्छा असर होगा।
- रमेश जैन, दुकानदार, भोपाल

अब केवल तंबाकू जैसे उत्‍पाद ही 28 फीसदी के स्‍लैब में हैं। इससे आम नागरिक को फायदा होगा साथ ही उम्मीद है, तंबाकू का उपयोग करने वालों में भी कमी आएगी।
- अजय शुक्ला, निजी कंपनी कर्मचारी,भोपाल

178 प्रोडक्ट्स पर टैक्‍स दरों में कटौती हमारे व्यापार को तो बढ़ाएगी ही लोगों को भी इसका फायदा होगा। आशा है बाजार में रौनक लौट आएगी।
- संजय शर्मा, डॉयरेक्टर निजी कंपनी

दरअसल मध्यप्रदेश के लोगों को उम्मीद थी कि नोटबंदी की सालगिरह यानि 8 नवंबर को पीएम मोदी इस संबंध में कुछ राहत की घोषणा कर सकते हैं। क्योंकि उन्होंने कुछ समय पूर्व ही कहा था कि यदि नवंबर में होने वाली जीएसटी की मीटिंग में सहमति बनती है तो सरकार कारोबारियों को मदद करने और इकॉनमी को मजबूती देने के लिए कुछ कदम उठा सकती है। परंतु उस दिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।लेकिन इसके दो बाद ही जीएसटी काउंसिल ने आम आदमी और छोटे व्‍यापारियों के हितों में बड़ा फैसला लिया है।

उसने 178 से अधिक प्रोडक्ट्स पर टैक्‍स दरों में कटौती कर दी है। अब सिर्फ 50 प्रोडक्ट्स पर ही 28 फीसदी जीएसटी लगेगा। जबकि बाकी प्रोडक्ट्स पर टैक्स घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है। जिन उत्‍पादों पर टैक्‍स कम किया गया है, उनमें ज्यादातर एफएमसीजी प्रोडक्ट्स है। ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर टैक्स घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है, 28 फीसदी टैक्स स्लैब में से 12 आइटम्स को हटाया गया है।

जिन उत्‍पादों पर टैक्‍स कम किया गया है, उनमें ज्यादातर एफएमसीजी प्रोडक्ट्स है। ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर टैक्स घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है, 28 फीसदी टैक्स स्लैब में से 12 आइटम्स को हटाया गया है। लंबे समय से लोग किसी नए घोषणा के इंतजार में थे, जिससे उन्हें जीएसटी में कुछ राहत भी मिले।

20000 करोड़ राजस्‍व का घाटा
इस साल एक जुलाई को जीएसटी के क्रियान्‍वयन के बाद से यह सबसे बड़ा बदलाव है। माना जा रहा है कि जीएसटी काउंसिल के आज के फैसले से सरकार के राजस्व में सालाना 20,000 करोड़ रुपये की कमी आएगी। बिहार के उप-मुख्‍यमंत्री सुशील मोदी ने गुवाहाटी में चल रही जीएसटी काउंसिल की 23वीं बैठक के अवसर पर ये जानकारियां दीं।

तंबाकू जैसे उत्‍पाद 28 फीसदी स्‍लैब में :
अब तंबाकू जैसे सिन गुड्स ही 28 फीसदी वाले सबसे ऊंचे स्‍लैब में रह गए हैं, बाकी फर्निचर से लेकर सैनिटरी वेयर तक सभी सामान की टैक्‍स दर में कमी की गई है। शैंपू, चॉकलेट, ब्‍यूटी प्रोडक्‍ट्स और कंस्‍ट्रक्‍शन के सामान जैसे मा‍र्बल और ग्रेनाइट आदि को 28 फीसदी टैक्‍स स्‍लैब से बाहर कर दिया गया है। इस तरह ये चीजें अब सस्‍ती हो गई हैं।

गुजरात चुनाव के लिए अहम फैसला
इस फैसले को गुजरात चुनाव के नजरिए से अहम माना जा रहा है। जीएसटी के अधिक रेट्स से बिजनेस समुदाय में खासा नाराजगी थी। माना जा रहा है कि अब इस समुदाय का समर्थन हासिल करना भाजपा के लिए आसान हो जाएगा।