साढ़े चार सौ वर्ष से भगवान राम की सत्ता कायम है। इसका केंद्र है ओरछा। यहां श्रीराम राजा के रूप में प्रतिष्ठित हैं। आस्था ऐसी है कि शादी हो या कोई और मांगलिक कार्यक्रम, पहला निमंत्रण रामराजा सरकार को जाता है। नववधू का गृहप्रवेश भी सरकार के दर्शन से पहले नहीं होता।
ओरछा. बुंदेलखंड में साढ़े चार सौ वर्ष से भगवान राम की सत्ता कायम है। इसका केंद्र है ओरछा। यहां श्रीराम राजा के रूप में प्रतिष्ठित हैं। आस्था ऐसी है कि शादी हो या कोई और मांगलिक कार्यक्रम, पहला निमंत्रण रामराजा सरकार को जाता है। नववधू का गृहप्रवेश भी सरकार के दर्शन से पहले नहीं होता। सुखी दाम्पत्य जीवन के लिए मंदिर में छापे-हल्दी लगे हाथ की छाप- लगाते हैं। हर साल निमंत्रण पत्र के यहां लगने वाले ढेर और हल्दी के रंग से चटक हुई दीवार यहां की गौरवशाली परंपरा की निशानी है।
देश.दुनिया में शायद ही कोई ऐसा धार्मिक स्थल होगा जहां भगवान को दिन में चार बार गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता हो। यह परम्परा बुंदेल राजवंश के दौर में शुरू हुई थी। अब यहां सशस्त्र बल के जवानों की स्थाई तैनाती की गई है। पूजन.आरती के बाद गार्ड ऑफ ऑनर की प्रक्रिया रोमांच से भर देती है।
मंदिर के पुजारी विजय तिवारी के अनुसार राम के राज्याभिषेक के उपलक्ष्य में दिवाली के दिन मंदिर की ओर से 108 दीप जलाकर ड्योढ़ी पर रख दिए जाते हैं। लोग अपने घर से दीपक लेकर आते हैं जिसे उसी जगह रखकर मंदिर का प्रज्ज्वलित दीपक लेकर घर जाते हैं इसके बाद ही पूजा होती है।
ज्योति लेकर हनुमानजी जाते हैं अयोध्या
मान्यता है कि राम दिन में ओरछा में रहते हैं। रात्रि विश्राम को अयोध्या जाते हैं। ओरछा में संध्या आरती के बाद गाजे.बाजे के साथ ज्योति मंदिर से निकाली जाती है। पुजारी तिवारी कहते हैं कि इस ज्योति को हनुमानजी लेकर अयोध्या जाते हैं। इस खास रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए बुंदेला राजवंश ने अयोध्या में कनक भवन का निर्माण कराया था।