
भोपाल। पिता हलवाई हैं और बेटे ने देश को 7 साल बाद हॉकी का स्वर्ण पदक दिला दिया। मलेशिया में खेले गए प्रतिष्ठित हॉकी के सुल्तान जौहर कप में भारतीय जूनियर पुरुष टीम ने स्वर्ण जीता। उसने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को शूटआउट किया। भारतीय टीम का यह तीसरा खिताब रहा। इस टीम में मप्र राज्य हॉकी पुरुष अकादमी के अंकित पाल ने प्रतिनिधित्व किया।
सुल्तान जौहर कप मलेशिया का अंडर-21 अंतरराष्ट्रीय पुरुष फील्ड हॉकी टूर्नामेंट है। इसकी शुरुआत 2011 में हुई थी। इस टूर्नामेंट को अभी तक पांच टीमों ने जीता है। अंकित पाल ग्वालियर के रहने वाले हैं और भोपाल की पुरुष हॉकी अकादमी में अभ्यास करते हैं।
अंकित 2015 में अकादमी में आए थे, लेकिन एक साल बाद खराब प्रदर्शन और फिटनेस के चलते अकादमी छोड़कर चले गए थे। फिर 2017 में अकादमी ने उन्हें बुला लिया था। तब से वे यहीं अभ्यास कर रहे हैं। वे मिडफिल्डर की भूमिका निभाते हैं। इससे पहले उन्होंने जूनियर इंडिया के लिए वर्ल्ड कप खेला है। वे चीफ कोच समीर दाद और लोकेंद्र शर्मा से हॉकी की बारीकियां सीख रहे हैं।
अंकित बने चौथे खिलाड़ी
अंकित इस कप को जीतने वाले भोपाल के चौथे खिलाड़ी बने। इससे पहले नीलाकांता और अरमान कुरैशी ने 2014 के संस्करण में स्वर्ण पदक जीता था। अफ्फान युसूफ ने 2013 का टाइटल जीता था। 2018 में भारतीय सीनियर टीम के सदस्य विवेक सागर प्रसाद की कप्तानी में भारत ने रजत पदक जीता था। 2019 में वीना चंद्रा ने देश का प्रतिनिधित्व किया औ कांस्य पदक जीता।
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Updated on:
01 Nov 2022 11:55 am
Published on:
01 Nov 2022 11:54 am
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