अजमेर किले का नाम अकबर का किला बताने पर विवाद। भाजपा शहर जिलाध्यक्ष यादव ने वृत अधीक्षक खान के बयान को बताया तथ्यहीन
शहर भाजपा ने अजमेर के राजपुताना संग्रहालय के वृत्त अधीक्षक जफर उल्लाह खान की ओर से अजमेर के किले को अकबर का किला बताने के बयान को तथ्यहीन बताया है।
भाजपा जिला अध्यक्ष अरविन्द यादव ने कहा कि सरकारी पद पर नियुक्त खान जिस प्रकार के तथ्यहीन आरोप लगाकर अजमेर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को दोषी ठहरा रहे हैं, वह गलत है।
यादव ने बताया कि जिस 1968 की अधिसूचना का खान हवाला दे रहे हैं, उससे पूर्व वर्ष 1950 से ही इसका नाम राजपुताना संग्रहालय था। यहां पर देश के गौरव से जुड़ी कई ऐतिहासिक जानकारियां व तथ्य उपलब्ध थे।
प्रख्यात विद्वान हरविलास शारदा की ओर से लिखित पुस्तक जो कि ऐतिहासिक तथ्यों के प्रमाणित आधार पर रचित है इसमें भी अनेक ऐतिहासिक व पुरातत्व दस्तावेजों से यह सिद्ध होता है कि यह राजपुताना संग्रहालय, म्यूजियम व अजमेर का किला है।
ब्रिटिश शासन में जब अजमेर सी क्लास स्टेट था तब उस समय के इतिहासकार गौरीशंकर ओझा को उदयपुर से अजमेर बुलाकर मैगजीन के पास इस जर्जर भवन को ठीक कर यहां पर राजपुताना म्यूजियम खोला गया था। उस समय विक्टोरिया अस्पताल नगर निगम भवन में था तथा म्यूनिसिपल कार्यालय बारादरी पर था।
यादव ने वृत अधीक्षक खान को चेतावनी दी है कि वह भटकाने के बयान नहीं दें तथा इस संग्रहालय में मौजूद ऐतिहासिक व गौरवशाली वस्तुओं व तथ्यों से छेड़छाड़ नहीं करें तथा जो छेड़छाड़ की जा रही है उसे तत्काल बन्द कर इसे इसके वास्तविक रूप में ही रहने दें।