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मुबारक महीना रमजान का आगाज, शुरू हुआ इबादतों का दौर

रमजान का मुबारक महीना शुरू हो गया है। अपने आप में यह महीना खास है लेकिन इस बाद यह खासियत कई गुना बढ़ गई। रमजान का आगाज जुमे के साथ हुआ। सुबह सेहरी के साथ इसकी शुरुआत हुई। इफ्तार के साथ रोजा मुकम्मल हुआ।

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भोपाल

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Shakeel Khan

Mar 25, 2023

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भोपाल। रमजान का मुबारक महीना शुरू हो गया है। अपने आप में यह महीना खास है लेकिन इस बाद यह खासियत कई गुना बढ़ गई। रमजान का आगाज जुमे के साथ हुआ। सुबह सेहरी के साथ इसकी शुरुआत हुई। इफ्तार के साथ रोजा मुकम्मल हुआ।
मोती मस्जिद में गुरुवार मगरिब की नमाज के बाद रुहते हिलाल कमेटी की बैठक हुई। शहर काजी मुश्ताक अली नदवी सहित कई उलेमा शामिल हुए। चांद देखने को उत्सुक बड़ी संख्या में शहर के लोग भी मौजूद थे। चांद के दीदार के साथ ही लोगों ने एक दूसरे माहे रमजान की मुबारकबाद दी। इबादत वाले इस महीने के लिए तरावीह की तैयारी शुरु हो गईं। उलेमा ने रोजों का एहतमाम करने की हिदायत दी। कहा दिखावे की बजाय अल्लाह को रोजी करने के लिए इबादत करें।

2015 में जुमे से हुआ था पहला रोजा
इससे पहले 2015 में पहले जुमे का पहला रोजा हुआ था। 18 जून 2015 को रमजान माह का चांद नजर आया था। अगले दिन जुमा था।

रोजा सिर्फ भूखे रहने का
नाम नहीं, बुराइयों से रोकता है
हाफिज जुनैद ने बताया कि रोजा सिर्फ भूखे प्यासे रहने का नाम नहीं है। रोजा आंख, हाथ, पैर, दिल, मुंह सभी का होता है। ताकि रोजा रखने वाला इंसान हमेशा बुराई से तौबा करता रहे और बुराइयों से बचता रहे। जो इन बुराइयों से खुद को नहीं रोक पाए तो उसका रोजा कोई काम नहीं। पूरे साल खुद को गुनाहों और बुरे कामों से बचाए रखने की यह आजमाइश है।


3 से 27 दिन में मुकम्मल होगा कुरान
शहर की 200 मस्जिदों में तरावीह हो रही है। जामा मस्जिद, ताजुल मस्जिद, मोती मस्जिद सहित अन्य प्रमुख मस्जिदों में 21 से 27 दिन में कुरान पूरा होगा। कई जगह यह 10 दिन तो कहीं 15 दिन में पूरा किया जा रहा है। कुछ जगह यह तीन दिन में पूरा किया जा रहा है। तरावीह में इमाम कुरान का पाठ करते हैं।