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हे भगवान! एक व्यक्ति के नाम और फोटो से 2000 फर्जी मोबाइल नंबर जारी

- प्रदेश के 3 लाख फर्जी मोबाइल नंबरों पर साइबर सेल का शिकंजा

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भोपाल@ साइबर अपराध की दुनिया में बड़ा अहम किरदार मोबाइल नंबरों का होता है। ज्यादातर मामलों में मोबाइल नंबर फर्जी और पता गलत निकलता है। जिससे पुलिस की मशक्कत बढ़ जाती है। लिहाजा इसी चुनौती से निपटने के लिए राज्य साइबर सेल ने प्रदेश के करीब 3 लाख फर्जी मोबाइल नंबरों पर शिकंजा कसा है। राज्य साइबर सेल के मुताबिक प्रदेश के अलग- अलग क्षेत्रों से बहुत बड़ी संख्या में पर्जी तरीके से सिम कार्ड जारी होने की सूचना मिली है। कुछ चुनिंदा लोगों को नाम पर तो हजारों की तादाद में सिम कार्ड जारी किए गए हैं। जिससे साइबर अपराध की संभावना को देखते हुए प्रकरण की जांच सायबर एवं उच्च तकनीकी अपराध थाना भोपाल द्वारा की जा रही है।

एक व्यक्ति के नाम से 2000 सिम कार्ड

मामले की पड़ताल करने पर हैरान करने वाले तथ्य सामने आए हैं। दरअसल जानकारी सामने आई है कि एक व्यक्ति के नाम और फोटो पर 2000 से ज्यादा सिम कार्ड जारी किए गए है। जिसको लेकर करीब 50 पी ओ एस संचालकों और एजेंटों को पुलिस की ओर से समन जारी किया गया है।

संगठित तरीके से हो रहा कृत्य

प्रदेश के अलग- अलग हिस्सों में फर्जी तरीके से सिम कार्ड जारी करने को लेकर भोपाल साइबर सेल को सूचना प्राप्त हुई है। यह कृत्य संगठित तरीके से किया जा रहा है। फर्जी तरीके से जारी हुए फोन नंबरों का उपयोग साइबर अपराध में किए जाने की प्रबल संभावना है। लिहाजा इसको लेकर जांच के आदेश दिए हैं।

फर्जी नंबरों के कारण होती है सबसे ज्यादा मशक्कत

बता दें साइबर अपराध की दुनिया में फर्जी नंबरों का मायाजाल पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती का सबब बनता है। क्योंकि ज्यादातर मामलों में पुलिस अगर फ्रॉड करने वाले नंबर के मूल पते पर जाते हैं तो सारी जानकारी झूठी निकलती है। जिससे अपराधी तक पहुंचने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।

योगेश देशमुख, एडीजी, राज्य साइबर सेल