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छत्तीसगढ में हुए नक्सली हमले के बाद बालाघाट और मंडला में हाई-अलर्ट

इंटेलीजेंस ने हॉक-फोर्स और एसएएफ को अतिरिक्त गश्ती के दिए निर्देश

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बे​रिकेडिंग लगाकर रास्ता बंद करते पुलिसकर्मी।

भोपाल. एक दिन पहले छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में नक्सलियों द्वारा किए गए विस्फोट के बाद मप्र इंटेलीजेंस ने बालाघाट और मंडला समेत समीपवर्ती जिलों को हाई अलर्ट जारी कर दिया है। इंटेलीजेंस की तरफ से नक्सली हमले के तत्काल बाद समीपवर्ती जिलों को अलर्ट रहने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं और बालाघाट में तैनात हॉक-फोर्स और एसएएफ को अलर्ट के साथ अतिरिक्त गश्त करने के निर्देश दिए हैँ।

छत्तीसगढ़ की तरह मप्र में हो सकते हैं सक्रिय
छत्तीसगढ़ से होते हुए कवर्धा बार्डर के रास्ते मप्र के मंडला जिले में प्रवेश करने वाले नक्सलियों ने खौफ पैदा करने के लिए होलिका दहन वाली रात के अंधेरे में कान्हा नेशनल पार्क स्थित लतावर दादर वन चौकी को आग लगाकर उड़ा दिया था। यह चौकी टाईगर रिजर्व की देखरेख के लिए विकसित हो रही थी। यह चौकी छत्तीसगढ़ के कवर्धा बार्डर से सटी हुई है। नक्सलियों के खात्मे के लिए लगाई गई हॉक-फोर्स का एक दस्ता लगाया गया है, जो नक्सलियों के पल-पल की जानकारी को एकत्रित कर रहे हैं।

18-19 फरवरी को मप्र में नक्सलियों ने किया था प्रवेश
नक्सलियों के विस्तार दलम ने १८-१९ फरवरी को मप्र में अपनी दस्तक दी थी। छत्तीसगढ़ और मप्र को जोडऩे वाले (बार्डर) कवर्धा के रास्ते पहाड़ी और जंगलों का फायदा उठाकर नक्सली मप्र में अपना वर्चस्व कायम करना चाहते हैं। प्रदेश में नक्सली मूवमेंट के इनपुट पर नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) समेत हॉक-फोर्स सक्रिय हो गई हैं। नक्सलियों के विस्तार दलम में करीब २०० सदस्य हैं, जो छत्तीसगढ़ के बीजापुर सुकमा में सक्रिय हैं। दलम के सभी सदस्य बालाघाट के जरिए प्रदेश में नेटवर्क को फैलाने की फिराक में हैं।

मप्र समीपवर्ती नक्सल प्रभावित जिलों की पुलिस अलर्ट पर है और हॉक-फोर्स के जरिए जंगलों में चौकी बनाकर नक्सली मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। सर्चिग अभियान जारी है।

- मकरंद देउस्कर, आईजी इंटेजीजेंस