
hip anatomy
क्यों है हिप एनाटॉमी खतरनाक
चिकित्सकों के अनुसार बुजुर्गों में कूल्हे का फैक्चर जानलेवा हो सकता है। क्योंकि इस उम्र में हड्डी जुडऩे में अधिक समय लगता है। लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती होने और घर में लंबे समय तक बेड पर रहने की संभावना रहती है। ऐसे में अन्य बीमारियां घेर लेती हैं। जो मौत का कारण बनती हैं।
इन बातों का ध्यान रखें
● चप्पल व जूते ऐसे चुनें जो फिसलें नहीं
● घरों में नॉन स्किडिंग टाइल्स लगवाएं
● बाथरूम के पास और सामने डोर मैट्स का उपयोग करें
● बुढ़ापे में कैल्शियम और विटामिन डी गोलियों का सेवन
● नियमित व्यायाम और योग करें।
लंबे समय तक बेड पर होने से खतरा
कूल्हे के फैक्चर पर न करवट बदलता है, न खड़ा और न बैठ सकता है। इसीलिए शरीर के पीछे गहरे जख्म बन जाते हैं। पैरों की मांसपेशियां जो पंप का काम करती हैं और वे धमनियों में खून को रुकने नहीं देतीं।
20% लोगों की गई जान
कूल्हा फैक्चरसे ग्रसित 50 साल से अधिक उम्र के लोगों पर एम्स में हुए शोध के अनुसार फैक्चर के साल भर के अंदर ऐसे 20 फीसदी मरीजों की मौत हो गई। चाइनीज जर्नल ऑफ ट्रोमेटोलोजी में छपे इस अध्ययन के अनुसार कूल्हे के फैक्चर वाले बुजुर्गों में मृत्यु दर स्तन व गर्भाशय कैंसर से भी अधिक पाई गई।
ये भी जानिए
80 साल से अधिक आयु वाले बुजुर्गों की मौत 1 साल में
60 से 69 साल के 20% की 1 साल में मौत
50-59 साल के 5% की जान सालभर में गई
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
डॉ. कमलेश देव पुजारी , जेपी अस्पताल का कहना है कि 20 साल पहले कूल्हे के फैक्चर को अंत की शुरुआत (बिगनिंग ऑफ एंड) कहते थे। फैक्चर के कारण वृद्ध चलने फिर नहीं पाते थे। उन्हें बेडसोल, अंदरूनी अंग जैसे लिवर, किडनी और हृदय काम करना बंद कर देते थे और जिसकी वजह से उनकी मृत्यु हो जाती थी।
डॉ. सुनील पांडेय एमपीटी का कहना है कि कूल्हे के फैक्चर वाले वृद्ध व्यक्ति को बिस्तर में ज्यादा देर एक स्थिति में न रहने दिया जाए। फिजियोथेरेपी की सहायता से वे जल्दी चलना शुरू कर सकते हैं। वृद्ध यदि कुछ दिन भी बिस्तर पर पड़ जाएं तो भयानक जटिलताओं की चपेट में आ सकते
Published on:
03 Oct 2023 01:56 pm

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