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कपल्स फ्रेंडली होटल्स के नाम पर खुलेआम अनैतिक धंधे, कहीं आइडी दिखाकर कमरे लो, तो कहीं बिना आइडी भी सब जायजा

- शर्मसार फिर भी प्रशासन बेबस: भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर से लेकर तमाम शहरों के होटलों में कपल्स की तरह धड़ल्ले से एंट्री - घंटे-दो-घंटे के 'ऐशगाह' - नतीजा.... प्रदेश में तीन साल में हुए बलात्कार के मामलों में सबसे अधिक 85.4 फीसदी में अधिकतर ऐसी होटलें ही वजह

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भोपाल। महिलाओं के खिलाफ मध्यप्रदेश में अपराधों की फेहरिस्त में सबसे बड़ा आंकड़ा यौन शोषण और बलात्कार का है। यह बात पुलिस मुख्यालय की महिला सुरक्षा शाखा की रिसर्च में सामने आई है कि बलात्कार के महज 2.4 फीसदी मामले ही ऐसे हैं, जिन्हें अपरिचितों ने अंजाम दिया। चौंकाने वाली बात है कि बलात्कार के 84.4 प्रतिशत मामलों में पीडि़ता आरोपी को पहले से जानती है जबकि ज्यादातर के घटनास्थल होटल निकले हैं।

इस मामले में पत्रिका की पड़ताल में सामने आया कि भोपाल समेत राज्य के करीब-करीब सभी शहरों में गली-मोहल्लों में कपल फ्रेंडली होटल्स का इस्तेमाल ऐशगाह के रूप में हो रहा है। नियमों को रौंदकर न केवल रहवासी क्षेत्रों में ये एक-दो घंटे रुकने वाली होटलें संचालित हैं, बल्कि चंद रुपयों के एवज में बिना पहचान-पत्र भी सहूलियत दी जाती है।

क्या कहता है नियम ?
- गृह विभाग के नियमों में साफ है कि होटल में रुकने के लिए आइडी अनिवार्य है। इन फोटोयुक्त पहचान-पत्र की जानकारी रजिस्टर में दर्ज की जाती है।
- कपल्स फ्रेडली और ऐप आधारित होटलों की श्रृंखला चलाने वाली कंपनी की फ्रेंचाइजी लेकर ऑफलाइन बुकिंग कर एक से दो घंटे के लिए कमरे किराए पर दिए जा रहे हैं।
- प्रदेश में ऐप से ऑनलाइन बुकिंग वाली होटलों की संख्या 650 से अधिक है। भोपाल में इनकी तादाद 200 और इंदौर में 250 से अधिक है। जबलपुर में इनकी संख्या 75 है तो ग्वालियर में 40 से ज्यादा है।
- छोटे शहरों में भी इन होटलों की पहुंच हो गई है। इनमें से आधी होटलों को कपल फ्रेंडली घोषित किया गया है। यहां 600 रुपए से लेकर 1200 रुपए तक में कमरे मुहैया कराए जाते हैं।

लाइव-1 रहवासी इलाके में होटल, आइडी दिखाओ रूम लो
स्थान- होटल साईं सदन, ओल्ड अशोका गार्डन, भोपाल
- पॉश इलाके में चलने वाली ये होटल युवा जोड़ों से गुलजार रहती है। यहां एंट्री के लिए आइडी जरूरी है। आइडी देने के बाद रूम में जाने की परमिशन देते हैं। मौके पर रूम बुकिंग होती है। रिसेप्शन पर मौजूद महिला कर्मचारी का कहना था कि आइडी देकर एक घंटे, दो घंटे या जितनी मर्जी हो रुक सकते हैं। होटल के पास ही स्कूल और कॉलेज भी संचालित हो रहे हैं। आस-पास के लोग होटल की गतिविधियों से त्रस्त हैं, पर सुनवाई करने वाले तो आंख बंद करे हुए हैं।

लाइव-02 आइडी नहीं तो अलग-अलग कमरे लो और जो करना करो
स्थान- होटल रजवाड़ा, प्रभात चौराहा, भोपाल
- प्रभात चौराहे पर स्थित होटल में पत्रिका टीम पड़ताल करने पहुंची। बताया गया कि आइडी नहीं है तो अलग-अलग कमरे बुक कर लें। यहां दोनों कमरों के 1300 रुपए चार्ज बताया गया। रिसेप्शन पर बैठे व्यक्ति ने कहा कि अलग-अलग कमरे बुक करने के बाद एक कमरे में आ सकते हैं। ये होटल जहां संचालित हो रही है, वहां आस-पास रहवासी क्षेत्र है।

लाइव-03: एक आइडी से भी चल जाएगा काम
स्थान- होटल सी-29 एयरपोर्ट रोड, लालघाटी, भोपाल
- लाल घाटी से आगे इंद्रविहार कॉलोनी में सर्विस रोड पर संचालित होटल में रिसेप्शन पर बैठे कर्मचारी ने पहले कमरे दिखाने की बात कही। दो कमरे दिखाने बाद जब आइडी का पूछा गया तो उसने कहा कि दोनों में से एक आइडी देना होगी। दूसरी आइडी यदि नहीं है तो भी चलेगा। यहां पहले एक हजार रुपए चार्ज बताया गया, पर जब एक से दो घंटे रुकने की बात कही गई तो 900 रुपए में रूम देने पर हामी भरी।

तीन साल में 12 हजार से अधिक बलात्कार के मामले-
मप्र में तीन साल में दर्ज बलात्कार के 12090 प्रकरणों में से 85.4 प्रतिशत यानी 10319 प्रकरण ऐसे हैं, जिनमें आरोपी की पहचान पीडि़ता के परिचित के रूप में हुई है। इन मामलों में पीडि़ता का आरोप है कि आरोपी उसके साथ लिव इन रिलेशनशिप में था या

3 साल में प्रदेश में दर्ज रेप के केस में आरोपी-








































वर्ष -परिचित -दूर के रिश्तेदार -निकटतम रिश्तेदार -अपरिचित
2019 -3484 -331 -124 -102
2020 -3138 -416 -139 -97
2021 -3697 -286 -189 -87
कुल -10319 -1033 -452 -286

(मप्र पुलिस मुख्यालय की महिला सुरक्षा शाखा के आंकड़े)


होटल में बगैर आइडी के एंट्री नियम विरुद्ध है। इस तरह से यदि होटल में कुछ समय के लिए प्रवेश दिया जा रहा है तो गलत है। ये मामला आपके द्वारा संज्ञान में लाया गया है। महिला सुरक्षा के लिए जरूरी निर्देशों का पालन कराया जाएगा।
- प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव, एडीजी, महिला सुरक्षा शाखा

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