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IFFI Goa 2018 : दुनिया के सिनेमा को नवाज़ने की भारत की पहल

(PART-1) पत्रिका के पाठकों के लिए भोपाल शहर के युवा राइटर व डायरेक्टर सुदीप सोहनी 49वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह विशेष तौर पर कवर रहे हैं।

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भोपाल

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Vikas Verma

Nov 24, 2018

IFFI Goa 2018 - International Film Festival of India

IFFI Goa 2018 - International Film Festival of India

गोवा/ भोपाल. नवम्बर की 20 से 28 तारीख़ में हर साल भारत की हवाओं में फेस्टिवल वाले सिनेमा की अंतर्राष्ट्रीय आमद प्रवासी पक्षियों की तरह आने जैसी होती है. सुदूर पश्चिम के तट पर अरब सागर की हिलोरों में बसा गोवा यूँ तो साल के बारह महीनों पर्यटकों का स्वागत करता है. मगर भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह यानि इफ़ी की ज़िम्मेदारी केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय लेता है. यह आयोजन का 49वां वर्ष है. पणजी शहर में कला अकादमी, मकविनेज पैलेस, आईनॉक्स थिएटर और इधर उधर बने पंडालों में 68 देशों की 212 फ़िल्में आगामी दिनों में दिखाई जाएंगी। सिनेमा के हर विद्यार्थी के लिए यहाँ कुछ न कुछ है. बीते साल से मैंने यहाँ आने वाले हर चेहरे को जिज्ञासु ही पाया है. भारत में यूँ तो केरल, कोलकाता, दिल्ली, मुंबई जैसे फिल्म फेस्टिवल होते ही हैं लेकिन गोवा में इफी की चमक और रंग सिनेमा और घूमने के बहाने के साथ ज़्यादा आकर्षक ऑफ़र ले कर आता है. लिहाजा दूर देश और प्रदेशों के सिनेमा प्रेमी पहले से नज़रें लगाए रहते हैं.

गोवा के पणजी शहर में दुनिया का बेहतरीन सिनेमा देखने के लिए पहले से रजिस्ट्रेशन करना होता है. और उसके बाद आपको देखने, सीखने, समझने को बहुत कुछ है. 20 और 28 नवम्बर की तारीख़ें ओपनिंग और क्लोज़िंग सेरेमनी तथा फ़िल्मों के लिए आरक्षित रहती हैं. इनका आयोजन भी केवल आमंत्रितों के लिए होता है. बाकी दिन यानि 21 से 27 तक आम दर्शक फ़िल्में देख सकते हैं; मास्टर क्लासेस के लिए आये सिनेमा निर्देशक, अभिनेता, लेखक से बातचीत कर सकते हैं; विभिन्न आयामों पर लगाई गई प्रदर्शनियों का लुत्फ़ उठा सकते हैं.

गोवा के श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार में हुए उदघाटन समारोह में गोवा की राज्यपाल श्रीमति मृदुला सिन्हा, केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन राठौर ने अतिथियों और खचाखच भरे दर्शकों की उपस्तिथि में समारोह का आगाज़ किया. हिंदी सिनेमा से अक्षय कुमार, करण जौहर, राकेश ओमप्रकाश मेहरा, सुभाष घई, प्रसून जोशी, रणधीर कपूर, पूनम ढिल्लो, अरिजीत सिंह जैसे नाम शामिल हुए. जर्मनी के जूलियन लान्दिस द्वारा निर्देशित फिल्म 'द एस्पर्न पेपर्स' से समारोह की शुरुआत हुई और अब सभी सभागार दर्शकों से भरे नज़र आ रहे हैं. आज ही संपन्न हुई प्रसून जोशी की हिंदी सिनेमा गीतों की मास्टर क्लास में युवा वर्ग ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया. इज़राइल को इस बार 'कंट्री फोकस' का दर्जा दिया गया है और भावनात्मक ताने-बाने के साथ नाटकीय फ़िल्में बनाने वाले अवि नेशेर निर्देशित 'द अदर स्टोरी' ने येरुसलम के दो युवाओं और धर्म के बीच प्रेम संबंधों वाली फिल्म से आगाज़ किया है. गोआ मैरियट होटल में एनएफडीसी के फिल्म बाज़ार में दक्षिण एशिया के कंटेंट और सिनेमा को परखने, खरीदने और बेचने फिल्म निर्माता, निर्देशक और वितरक प्रयास कर रहे हैं. कान, वेनिस, बर्लिन सहित यूरोपियन और दुनिया के बाज़ारों में इंडी (स्वतंत्र) और अन्य फिल्म निर्माता-निर्देशकों की ओवरसीज़ रिलीज़ का रास्ता यहीं से हो कर गुज़रता है. पणजी में मुख्य मार्ग से मीरामार बीच तक जाने वाली सड़क सिनेमा के आकर्षण से गुलज़ार है. समंदर के प्रदेश में सिनेमा के रंगों में हर कोई भीगना चाहता है.