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मप्र सरकार का बड़ा फैसला, बंद होंगी शराब की दुकानें! 

 राष्ट्रीय राजमार्गों के आधा किलोमीटर के दायरे की शराब दुकानों को बंद करने के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से राजधानी में करीब एक लाख लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

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Anwar Khan

Dec 16, 2016

MP angry illegal liquor sale, police formality

MP angry illegal liquor sale, police formality

भोपाल। राष्ट्रीय राजमार्गों के आधा किलोमीटर के दायरे की शराब दुकानों को बंद करने के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से राजधानी में करीब एक लाख लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। शहर के भीतर से दो और एक किनारे से नेशनल हाइवे गुजर रहा है। इनके किनारे करीब 30 शराब दुकानें हैं। इनके आसपास की करीब 100 कॉलोनियों को आवारा तत्वों के उत्पात और ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगी।

हालांकि, लाइसेंसधारी शराब विक्रेताओं को कुछ रियायत देते हुए लाइसेंस खत्म होने तक या 31 मार्च 2017 तक दुकानें जारी रखने की छूट दी है। गौरतलब है कि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया टीएस ठाकुर की अगुआई वाली बेंच के आदेश के अनुसार सभी राज्यों में नेशनल हाईवे पर या उसके आसपास पडऩे वाली शराब की दुकानों के लिए लाइसेंस नहीं दिया जाएगा, न ही उसका नवीनीकरण किया जाएगा। राजमार्गों के किनारे से शराब के विज्ञापन और बोर्ड हटाए जाएंगे।

एनएच-86 पर 15
इस देवास-कानपुर हाइवे का नंबर अभी बदला है। यह देवास, सीहोर से भोपाल होते हुए सुल्तानिया इंफेंट्री, बैरागढ़ से लेकर लालघाटी और पुराने शहर के कई क्षेत्रों से होता हुआ रायसेन से आगे निकल जाता है। इसके किनारे पांच बड़े बाजार के साथ 60 से अधिक रहवासी कॉलोनियां और 15 से अधिक शराब की दुकानें हैं।

एनएच-12 पर 12
इस जयपुर-जबलपुर हाइवे को न्यू नंबर दिया है। यह नरसिंहगढ़, शामपुर होता हुआ गांधीनगर से भोपाल में प्रवेश करता है। लालघाटी से बीआरटीएस के समानांतर होते हुए पुल बोगदा से जिंसी होशंगाबाद रोड से जबलपुर की ओर जाता है। इसके किनारे तीन बड़े बाजार के साथ लगभग 30 कॉलोनियां और एक दर्जन शराब दुकानें हैं।

नेशनल हाइवे-69
यह भोपाल के करीब से होते हुए औबेदुल्लागंज, होशंगाबाद, इटारसी से होता हुआ महाराष्ट्र की सीमा में लग जाता है। इसकी लंबाई 330 किमी है।

0 हमें शासन से जो निर्देश मिलेंगे, उनके अनुसार ही काम करेंगे। दुकानों को लेकर जो भी गाइडलाइन होगी, उसका पालन करेंगे।
- आलोक खरे, सहायक आयुक्त, आबकारी विभाग

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