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शहर में कई बाजारों/स्थानों पर चोरी छिपे करवा रहे अवैध पार्किंग

- नगर निगम में पहुंच रखने वाले लोग लिप्त हैं इस गोरखधंधे में- कहीं भी खड़े होकर वसूली करने लगो तो कोई पूछने वाला नहीं- अवैध वसूली करने वाले ही करते आपत्ति, नगर निगम की अनदेखी

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शहर में कई बाजारों/स्थानों पर चोरी छिपे करवा रहे अवैध पार्किंग

शहर में कई बाजारों/स्थानों पर चोरी छिपे करवा रहे अवैध पार्किंग

भोपाल. राजधानी में अवैध पार्किंग का खेल नगर निगम के रोके नहीं रुक रहा है। पर्दे के पीछे बैठे आकाओं की दम पर पार्किंग में अवैध वसूली का खेल कई स्थानों पर चल रहा है। अवैध पार्किंग के मामले वैसे तो बिट्टन मार्केट, एमपी नगर, न्यू मार्केट, जहांगीराबाद, रॉयल मार्केट, शाहजहांनाबाद समेत शहर के लगभग एक दर्जन प्रमुख बाजारों में सामने आते रहे हैं, लेकिन अब तो वसूली करने वाले बेखौफ से हो गए हैं। जहां मौका दिखता है, पार्किंग के नाम पर वसूली करने वाले शुरू हो जाते हैं। ऐसा ही प्रयोग पत्रिका एक्सपोज ने मंगलवार को कोलार के बंजारी दशहरा मैदान के हाट बाजार में किया। यहां भी अवैध पार्किंग शुल्क वसूले जाने की सूचना थी। हाट बाजार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अमला वहां झांककर भी नहीं देखता। पत्रिका संवाददाता ने तीन बाइक और एक कार खड़ी करने वाले से पार्किंग ठेका होने की बात कहकर शुल्क वसूल लिया।

संवाददाता ने एक मार्च को ठेका मिलने और अगली बार वाहन खड़ा करने की जगह बताई तो किसी ने भी शुल्क देने से मना नहीं किया। उन्होंने क्रॉस चेक करने की भी जरूरत नहीं समझी। तीन बाइक से पांच रुपए और एक कार से दस रुपए के हिसाब से पार्किंग शुल्क लिया गया। इस तरह संवाददाता ने 25 रुपए पार्किंग के नाम पर वसूले। इन रुपयों को संवाददाता बुधवार को नगर निगम मुख्यालय में जमा कराने पहुंचा तो पार्किंग सेल के सुभाष जोशी ने यह कहते हुए शुल्क लेने से मना कर दिया किया कि वहां नगर निगम की पार्किंग नहीं है तो हम इस रकम को नहीं ले सकते। किस मद में जमा की जाएगी? इसके बाद संवाददाता ने पत्रिका के स्थानीय संपादक के निर्देश पर 1100 क्र्वार्टर हनुमान मंदिर पर जाकर दान कर दी।

इस तरह लिया पार्किंग शुल्क
संवाददाता: लाओ भाई, पांच रुपए दो।
बाइक वाला: (इशारे से पूछते हुए) क्या..?
संवाददाता: ... ठेका हो गया है, अब पांच रुपए लगा करेंगे ... वहां गाड़ी पार्क करना। (इशारे से मकान नम्बर ए-2, आशीर्वाद कॉलोनी के सामने जगह बताते हुए) वहां लगाना साइड में।
बाइक वाला: पहले तो नहीं लगते थे?
संवाददाता: अभी ठेका हुआ है। पहला बाजार है। एक तारीख को ठेका हुआ है। पांच रुपए टू व्हीलर और दस रुपए फोर व्हीलर के लगेंगे।
बाइक वाल: ठीक है, ये लो (पांच रुपए का सिक्का निकालकर देता और बाइक लेकर चला जाता है)।

पहले भी सामने आए अवैध वसूली के मामले
पूर्व में पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली करने वाले चार युवकों ताजवर, ताहिर, गुफरान और इंसाफ के खिलाफ कोहेफिजा पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। इस मामले की शिकायत नगर निगम की तरफ से पुलिस को की गई थी। रायल मार्केट स्थित मेनरोड पर हमीदिया की नई लैब के ठीक सामने सड़क की दूसरी तरफ काले दरवाजे के पीछे पुराने कपड़ों का बाजार है। इसमें आने वाले लोगों के वाहन सड़क के दोनों तरफ खाली जगह पर पार्क कराकर पांच व दस रुपए की वसूली की जा रही थी। यहां नगर निगम की कोई पार्किंग नहीं है।

नो पार्किंग की जगह ही पार्किंग
हमीदिया अस्पताल के पास भी अवैध वसूली का मामला सामने आया था। यहां
नो पार्किंग जोन में पार्किंग कराई जा रही है। लोगों को भ्रम में डालने के लिए दीवारों पर लिखे नो-पार्किंग में से (नो) शब्द को मिटाकर पार्किंग बना दिया गया है। तीन लड़के रोजाना सुबह 10 से रात 11 बजे तक आने वालों को वाहन पार्क करवाते हैं। प्रतिदिन हजारों रुपए के वारे-न्यारे किए जाते हैं।
न्यू मार्केट के इंडियन कॉफी हाउस के सामने पार्किंग में कोई रसीद नहीं दी जाती। गाड़ी खड़ी कराने के लिए से पांच रुपए लिए जाते हैं। वसूली करने वाला स्वयं को निगम का कर्मचारी बताता है। बिना रसीद के रुपए लेने पर वह कहता है कि जमा किया पैसा नगर निगम में जमा किया जाता है।

ऐसे जानें पार्किंग वैध है या अवैध
- नगर निगम की पार्किंग में स्पष्ट बोर्ड लगा होता है।
- पार्किंग के कर्मचारी ने यूनिफॉर्म पहनी होती है।
- कर्मचारी के गले में नगर निगम का आईडी होता है।


जोनल अफसर अपने क्षेत्र में पार्किंग की मॉनिटरिंग करते हैं। इस तरह का मामला संज्ञान में आने के बाद नगर निगम मुख्यालय से भी अमला भेजकर अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। बंजारी मैदान में टीम भेजकर कार्रवाई कराई जाएगी।
- मेहताब सिंह गुर्जर, अपर आयुक्त, नगर निगम