
इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर समिट : 20 शहरों के सर्वें में भोपाल में 77% लोग चाहते हैं अपनी कार से सफर
भोपाल . इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर्स समिट भोपाल में ओला मोबिलिटी इंस्टीट्यूट द्वारा कराए गए सर्वे में सामने आया कि राजधानी में सार्वजनिक परिवहन सेवा का विस्तार होने के बावजूद 77 फीसदी लोग ऐसे हैं, जो अपनी कार रखना पसंद करते हैं और 79 प्रतिशत लोग सुरक्षा, उपलब्धता और सुविधा जैसी चिंताओं के कारण सार्वजनिक परिवहन का उपयोग नहीं करते हैं।
यह निष्कर्ष इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर्स समिट भोपाल ( Indiainfrastructuresummit ) में ओला मोबिलिटी इंस्टीट्यूट द्वारा तैयार किए गए सूचकांक में निकलकर आया है। इसे यशवंत रेड्डी एवं एसोसिएशन ऑफ इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री (इंडिया) के डायरेक्टर जनरल रजनीश दास गुप्ता ने तैयार किया है। इंस्टीट्यूट ने सूचकांक के 2018 संस्करण में 20 शहरों में 43,000 से अधिक लोगों से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। सर्वेक्षण में भोपाल के 2000 से अधिक लोगों को शामिल किया गया था। आगे इस पर विश्लेषण जारी है।
बुनियादी विकास जरूरी
इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर्स समिट भोपाल में रजनीश दास गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश तीव्र गति से प्रगति कर रहा है और यह बुनियादी ढांचे के विकास के बिना पूरा नहीं हो सकता। हालांकि विकास भी नए और टिकाऊ विचारों तथा नवाचारों पर निर्भर करता है। यह तभी संभव है जब विशेषज्ञ व सभी हितकारक साथ बैठकर बुनियादी ढांचे के बारे में विचार-विमर्श करें।
टिकाऊ आवागमन मुहैया कराना चुनौती
रजनीश दास गुप्ता ने इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर्स समिट भोपाल ( India Infrastructure Summit bhopal ) में कहा कि पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन के लिए सिटीजन को पूरा विश्वास होना चाहिए। यह विश्वास सुरक्षा, कनेक्टिविटी के रूप में हो सकता है। भोपाल भारत में न्यूनतम घनी आबादी वाले ऐसे शहरों में से एक है, जहां नागरिकों की प्राथमिकता और पसंद की एक विस्तृत श्रृंखला को ध्यान में रखते हुए टिकाऊ आवागमन समाधान उपलब्ध कराना बहुत ही चुनौतीपूर्ण कार्य है।
रजनीश दास गुप्ता ने इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर्स समिट भोपाल में कहा कि पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन के लिए सिटीजन को पूरा विश्वास होना चाहिए। यह विश्वास सुरक्षा, कनेक्टिविटी के रूप में हो सकता है। भोपाल भारत में न्यूनतम घनी आबादी वाले ऐसे शहरों में से एक है, जहां नागरिकों की प्राथमिकता और पसंद की एक विस्तृत श्रृंखला को ध्यान में रखते हुए टिकाऊ आवागमन समाधान उपलब्ध कराना बहुत ही चुनौतीपूर्ण कार्य है।
Updated on:
22 Jun 2019 02:47 pm
Published on:
22 Jun 2019 01:44 pm
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