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संजय के लिए जेल गया था ये नेता, इंदिरा ने बना लिया था ‘बेटा’, तीन पीढ़ियों से गांधी परिवार का भरोसेमंद साथी

31 अक्टूबर 1984 में देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई थी।

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भोपाल

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Pawan Tiwari

Oct 31, 2019

संजय के लिए जेल गया था ये नेता, इंदिरा ने बना लिया था 'बेटा', तीन पीढ़ियों से गांधी परिवार का भरोसेमंद साथी

संजय के लिए जेल गया था ये नेता, इंदिरा ने बना लिया था 'बेटा', तीन पीढ़ियों से गांधी परिवार का भरोसेमंद साथी

भोपाल. पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आज पुण्यतिथि है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ ने इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा- स्वर्गीय इंदिरा गांधी जी के नेतृत्व में भारत एक शक्तिशाली देश बना उनके नेतृत्व में भारत ने हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ। उनके नेतृत्व में राष्ट्रीय सुरक्षा विदेश नीति को नई दिशा मिली। भारत परमाणु शक्ति बना। हरित क्रांति के कारण भारत खाद्य सुरक्षा में आत्मनिर्भर बना। बैंकों का राष्ट्रीयकरण और गरीबी उन्मूलन जैसे कदम उठाए गए।


इंदिरा गांधी के 'तीसरे बेटे' थे कमल नाथ
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ का अपना तीसरा बेटा कहती थीं। आपातकाल के बाद जब पहली बार कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई थी तब संजय गांधी के कहने पर कमल नाथ ने राजनीति में कदम रखा था। उन्हें संजय गांधी ने मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से चुनाव लड़ने के लिए कहा था। पहली बार कमलनाथ 1980 में कांग्रेस सांसद बनकर लोकसभा पहुंचे और इसके साथ ही इंदिरा गांधी की भी सत्ता में वापसी हुई। 1980 के लोकसभा चुनाव में जब कमल नाथ पहली बार चुनाव लड़ रहे थे तब इंदिरा गांधी उनका प्रचार करने छिंदवाड़ा पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने कहा था कि राजीव और संजय गांधी के बाद कमल नाथ मेरे तीसरे बेटे हैं और मैं अपने बेटे के लिए वोट मांगने आई हूं।

मां मानते थे कमल नाथ
इंदिरा गांधी के निधन के बाद कमलनाथ ने उनकी अर्थी को कंधा दिया था। कमल नाथ ने इंदिरा के निधन की फोटो भी शेयर की है। उन्होंने अपने ट्विटर पर लिखा- इंदिरा मां के नेतृत्व और मातृत्व का प्रतिसाद मुझे सदा मिला। आज उनके अवसान दिवस पर द्रवित भी हूं और अखंड भारत के लिए उनके बलिदान पर गर्वित भी। वे सिर्फ़ स्मृतियों में नहीं, आदर्शों में भी मेरे साथ हैं।

संजय गांधी से थी गहरी दोस्ती
आपातकाल के बाद 1979 में देश में जनता पार्टी की सरकार बनी थी। जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद संजय गांधी को एक मामले में कोर्ट ने तिहाड़ जेल भेज दिया। जब संजय गांधी जेल पहुंचे तो इंदिरा गांधी संजय की देखभाल और सुरक्षा को लेकर चिंतित थीं। कहा जाता है कि तब कमल नाथ ने जान बूझकर एक जज से लड़ाई लड़ी और जज ने उन्हें भी अवमानना के चलते सात दिन के लिए तिहाड़ भेज दिया। इस दौरान वो संजय गांधी के साथ रहे और उनकी देखभाल की।

तीन पीढ़ियों से साथ
कमल नाथ गांधी परिवार की तीन पीढ़ियों से साथ में हैं। संजय गांधी से कमल नाथ की दोस्ती थी तो राजीव गांधी के भी करीबी रहे। सोनिया गांधी और राहुल गांधी के भी सबसे भरोसेमंद साथी माने जाते हैं। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में जीत के बाद राहुल गांधी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की जगह कमल नाथ को मध्यप्रदेश की सत्ता सौंपी थी।