किशोर दा की जिंदगी का ऐसा सच जिसे हर कोई जानना चाहता है वह है, उनकी लव लाइफ। यहां मधुबाला का जिक्र लाजिमी है, क्योंकि वह ऐसी शख्स थीं जिनकी जान किशोर में बसती थी...
भोपाल। आज किशोर दा की पुण्य तिथि पर उनकी जिंदगी के ऐसे पहलू जिन्हें आप जानते हैं आंखों में घूमते महसूस होने लगते हैं। जैसे उन पलों का आपने खुद देखा हो। किशोर थे ही ऐसे जिनके गीत गुनगुनाते हुए आप उनकी जिंदगी को कहीं खोजने लगते हैं। ऐसे में मधुबाला के साथ उनकी प्रेम कहानी किसी के मन से अछूती नहीं रहती। क्या आपने सुना है किशोर और मधुबाला की जिंदगी के हसीन किस्सों को! अगर नहीं तो जरूर पढ़ें पूरी खबर।
किशोर पर फिदा था मधु का दिल
फिल्मी दुनिया में मधुबाला के खूबसूरती के चर्चे आज भी होते हैं। उनका दौर तो ऐसा था कि हर शख्स मधुबाला का दीवाना हो गया था। लेकिन मधुबाला के दिल का आलम तो कुछ और ही था। सबके दिलों की धड़कन बनने वाली मधुबाला तो किशोर कुमार की दीवानी थीं। वह उन्हें इतना पसंद करती थीं कि हर पल उन्हीं के साथ जीना चाहती थीं।
किशोर भी चाहते थे
कहते हैं कि मधुबाला इतनी खूबसूरत थीं कि उन्हें देखने वाला शख्स उनका दीवाना हो जाता था। मधुबाला की खूबसूरती से किशोर भी नहीं बच सके। वे भी मधुबाला को चाहते थे। लेकिन, उनके साथ बहुत कम ही समय बिता पाए। किशोर के किस्सों में यह किस्सा भी मशहूर है कि उन्होंने अपनी दूसरी पत्नी मधुबाला से शादी के बाद मजाक में कहा था- 'मैं दर्जनभर बच्चे पैदा कर खंडवा की गलियों में उनके साथ घूमना चाहता हूँ।'
ऐसे परवान चढ़ा था दोनों का प्यार
गायक किशोर कुमार जब फिल्म चलती का नाम गाड़ी में काम कर रहे थे तब, एक लड़की भीगी भागी-सी गाना गाकर उन्होंने मधुबाला का दिल जीत लिया था। यहीं से दोनों में प्यार पनपने लगा और इसी फिल्म के बाद दोनों ने शादी कर ली थी।
मधुबाला के घर वालों ने कर लिया था किनारा
मधुबाला ने परिवार के खिलाफ जाकर शादी की थी। इस कारण मधु को उनके परिवार ने दोबारा स्वीकार नहीं किया। इससे आहत मधु शादी के एक माह बाद ही किशोर का घर छोड़कर मुंबई स्थित अपने बंगले में रहने लगीं। इसके बाद वह कभी किशोर के घर वापस नहीं गईं। दोनों ने एक-दूसरे को तलाक नहीं दिया, लेकिन किस्मत ने दोनों को अलग-अलग ही रखा। 23 फरवरी 1969 को मधुबाला का इलाज के दौरान निधन हो गया था। जिसके बाद किशोर का दिल टूट गया था। इस सदमे से उबरने में उन्हें काफी समय लगा।