Benefits of Lal Chandan : प्रकृति ने हमें कई बीमारियों से लड़ने के लिए कई अलग-अलग पेड़-पौधे दिए हैं। लेकिन उनमें से एक लाल चंदन का पेड़ है जो की कई बीमारियों से लड़ने में हमारी मदद करता है।
साल 2021 में आई फिल्म 'पुष्पा' के बारे में आपने सुना ही होगा या देखा भी होगा।इस फिल्म में लाल चंदन (Red Sandalwood) की तस्करी के बारे में बताया गया है।इसकी कीमत करोड़ों में होती है।ये स्किन प्रॉब्लम,पेट संबंधी और स्त्री रोगों जैसी कई बीमारियों में मददगार होती है। अभी ये लाल चंदन शेषाचलम की पहाड़ियों में पाए जाते हैं।अब इसे एमपी के इंदौर में उगाने की तैयारी चल रही है। आइए हम आपको लाल चंदन के फायदे बताते हैं।
लाल चंदन के अंग्रेजी में रेड सैंडलवुड भी कहा जाता है। इसके इस्तेमाल से कई बीमारियों को ठीक किया जा सकता है।
स्किन - आजकल के खराब खान-पान और फैले प्रदूषण का असर सीधे तौर पर स्किन पर देखने को मिलता है। जिसकी वजह से स्किन रिलेटेड कई बीमारियां हो जाती हैं। पिंपल्स, ऑयली स्किन, सन बर्न, एकने जैसे समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए आप लाल चंदन में दही या नींबू मिलाकर चेहरे पर लगा सकते है। लाल चंदन के अंदर एंटी ऑक्सीडेटिव व एंटी इंफ्लेमेटरी जैसे तत्व पाए जाते हैं। जो कि स्किन से रिलेटेड प्रॉब्लम्स को खत्म करने में मददगार होते है।
डायबिटीज - आजकल भारत में तेजी से शुगर के पेशेंट बढ़ रहे हैं। इन लोगों अपने खान पान में खासी सावधानी बरतनी पड़ती है। ताकि शुगर का लेवल न बढ़े।लाल चंदन में पॉलीफेनोल्स मौजूद रहते हैं जो शरीर में ग्लूकोज लेवल को बढ़ाने का काम करते हैं। इससे इंसुलिन भी बढ़ती है। लाल चंदन में जिंक और एंटी डायबिटीज होते हैं जो कि डायबिटीज से बचाने में मदद करते हैं।
खांसी - मौसन ठंडा और गर्म होने की वजह से गले में खराश और खांसी शुरू हो जाती है।लाल चंदन के इस्तेमाल से राहत मिलती है क्योंकि इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते है।
पेट- लाल चंदन में गैस्ट्रोप्रोटेक्टिव गुण पाए जाते हैं जो कि अल्सर जैसी बीमारी को ठीक करने में उपयोगी है। इसके इस्तेमाल से गैस्ट्रिक एसिड कम उत्पन्न होता है।इसमें एंटी ऑक्सीडेंट होते हैं ये पेट में मौजूद पाचन सेल्स का बचाव करते है।